क्या आदित्य साहू के कमांड में आ गई है पार्टी ,क्या रघुवर दास से दूरी ख़त्म करने में कामयाब हो गए हैं ?

    क्या आदित्य साहू के कमांड में आ गई है पार्टी ,क्या रघुवर दास से दूरी ख़त्म करने में कामयाब हो गए हैं ?

    धनबाद(DHANBAD) : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू शनिवार को जमशेदपुर में थे. जमशेदपुर से एक तस्वीर सामने आई, जिसमें प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री, जमशेदपुर के सांसद एक फोटो फ्रेम में साथ दिखे. सभी लोग जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव  गांधी के परिवार से मिलकर निकल रहे थे. जमशेदपुर के उद्यमी का अपहरण हुए 10 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन झारखंड पुलिस  के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. भाजपा नेता जमशेदपुर में इस अपहरण कांड के खिलाफ काफी मुखर दिखे.  राज्य सरकार और झारखंड की पुलिस को खूब खरी खोटी सुनाई।  

    भाजपा नेताओं के निशाने पर क्यों थी झारखण्ड पुलिस ?

    मुख्यमंत्री के इन्वेस्टर आमंत्रण को लेकर विदेश दौरे पर भी सवाल खड़ा किया. कहा कि जब कानून-व्यवस्था नहीं रहेगी, तो इन्वेस्टर कैसे आएंगे. खैर, यह  तो अलग बात है लेकिन इस तस्वीर में एक राजनीतिक पहलू भी छिपी  दिखी. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,प्रदेश अध्यक्ष  एक फोटो फ्रेम में दिखे. माना जा रहा था कि आदित्य साहू के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद रघुवर दास नाराज चल रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस तरह की चर्चा भी खूब चली. हालांकि अधिकृत तौर पर इस संबंध में पार्टी के कोई नेता अथवा कार्यकर्ता ने कुछ नहीं कहा. लेकिन अंदरखाने यह  सूचना थी कि रघुवर दास नाराज चल रहे हैं. 

    तो क्या जमशेदपुर में पार्टी के अंदर सबकुछ सामान्य हो गया है ?
     
    माना जा रहा है कि आदित्य साहू और रघुवर दास की मुलाकात के बाद सब कुछ सामान्य हो गया है और जमशेदपुर में पार्टी एकजुट होकर काम करेगी. झारखंड में निकाय चुनाव भाजपा के लिए भी चुनौती है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है और कम से कम झारखंड के नौ  नगर निगम क्षेत्र में अगर चास और देवघर को छोड़ दिया जाए, तो सभी जगह बीजेपी या उसके समर्थक ही जीते थे. इसलिए उस परिणाम को दोहराना भी आदित्य साहू के लिए बड़ी चुनौती होगी. यह  अलग बात है कि  आदित्य साहू देवघर होते हुए आज धनबाद पहुंच रहे हैं.  धनबाद में भी महानगर अध्यक्ष चयन के बाद पार्टी की एकजुटता  बिखर गई है. भाजपा धनबाद में अलग-अलग खेमो  में बट गई है. 

    शेखर अग्रवाल ने प्रदेश अध्यक्ष के पहुंचने से पहले ही कर दी उम्मीदवारी 
     
    इस बीच सबसे चौंकाने वाली बात हुई कि भाजपा नेता शेखर अग्रवाल ने रविवार को मीडिया के सामने आकर इस बात की घोषणा कर दी कि वह निगम चुनाव लड़ेंगे।  यह  अलग  बात है कि पिछली बार भी वह धनबाद नगर निगम के मेयर थे.  इसलिए उनकी दावेदारी भी बनती है.  लेकिन भाजपा इस बार एक राय करने की कोशिश कर रही है.  यानी पार्टी का कोई भी समर्थित एक ही उम्मीदवार चुनाव में खड़ा हो.  ऐसे में अब धनबाद नगर निगम में एक उम्मीदवार को  लेकर क्या होगा,  यह देखने वाली बात होगी।  भाजपा शेखर अग्रवाल पर ही मुहर  लगाएगी अथवा किसी दूसरे उम्मीदवार की पीठ पर हाथ रखेगी? वैसे तो कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची मांगी  है, तो झामुमो  ने  उम्मीदवार की घोषणा करना भी शुरू कर दिया है.  ऐसे में आगे- आगे होता है क्या, इसको लेकर कई दिलचस्प पहलू सामने आ सकते है.
     
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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