झारखंड के भाजपा नेताओं से क्या चंपई सोरेन का मोह भंग हो गया है,क्यों हिमंता बिस्वा सरमा से बढ़ा रहे नजदीकियां!

    झारखंड के भाजपा नेताओं से क्या चंपई सोरेन का मोह भंग हो गया है,क्यों हिमंता बिस्वा सरमा से बढ़ा रहे नजदीकियां!

    TNP DESK-: भाजपा में आने के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कोल्हान  के टाइगर कहे जाने वाले चंपई सोरेन के दिन पतले चल रहे है.  दो बार घाटशिला विधानसभा  से अपने पुत्र बाबूलाल सोरेन को टिकट दिलवाने के बावजूद चुनाव नहीं जितवा सके.  झामुमो  में थे, तो वह कोल्हान के टाइगर थे, लेकिन फिलहाल यह उपाधि उनसे जाती दिख रही है.  भाजपा में भी वह अलग-थलग  दिख रहे है.  इधर, वह असम के मुख्यमंत्री हिमंता  विस्वा  सरमा  की खूब तारीफ कर रहे है. राजनितिक पंडित ऐसे अलग चश्मे से देख रहे है.  

    आखिर-भाजपा में आने जमीन किस नेता ने तैयार की थी 

    कहा तो यही जाता है कि हिमंता  विस्वा  सरमा ने ही 2024 विधानसभा चुनाव के पहले उन्हें भाजपा में आने की जमीन तैयार की और वह भाजपा में चले आये.  लेकिन भाजपा ने जिस उम्मीद से उन्हें पार्टी में शामिल कराया, वह पूरा हुआ नहीं. भजपा झारखंड में हाशिये पर चली गई.  वैसे भी, झामुमो  को छोड़कर भाजपा में आए एक- दो नेताओं की बात छोड़ दी जाए, तो उनका कार्यकाल बहुत सही नहीं रहा.  लगता है चंपई सोरेन के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है.  इधर, चंपई सोरेन ने चाय बागान कर्मचारियों को जमीन का मालिकाना हक देने वाले एक बिल को पास करने के लिए असम सरकार की जमकर तारीफ की है. 

    राजनीतिक पंडित इसे क्यों अलग चश्मे से देख रहे है 
     
    राजनीतिक पंडित इसे असम के मुख्यमंत्री से एक बार फिर घनिष्ठता  बढ़ाने के चश्मे से देख रहे है.  चंपई सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स  पर कहा है कि असम सरकार के  फैसले से लाखों आदिवासियों और अन्य कर्मचारियों को फायदे हो सकते है.  झारखंड के सरायकेला विधानसभा से भाजपा विधायक चंपई सोरेन ने कहा है कि असम में कांग्रेस सरकारों ने हमेशा इन कर्मचारियों के अधिकारों को कुचला है.  उन्होंने कहा है कि असम की भाजपा सरकार ने वर्षो  पुराने संघर्ष का सम्मान करते हुए उनकी मांग पूरी करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है.  चंपई सोरेन ने आदिवासी समाज की ओर से ऐसे  ऐतिहासिक फैसला बताया है और मुख्यमंत्री का  धन्यवाद किया है. 

    चंपई सोरेन को जवाब में क्या कहा है हिमंता विस्वा सरमा ने 
     
    सोशल मीडिया पर ही चंपई सोरेन का जवाब देते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रेरक बातों के लिए हम चंपई सोरेन जी की सराहना करते है. आगे कहा है कि चाय बागान समुदाय और आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूत करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है.  उन्होंने कहा है कि आपकी शुभकामनाएं चाय बागान के सभी कर्मचारी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमें प्रेरित करती रहेगी. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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