गुमला:तीन साल में तीन महीना का भी नहीं मिला राशन, डीलर पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, लगाया ये आरोप

    गुमला:तीन साल में तीन महीना का भी नहीं मिला राशन, डीलर पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, लगाया ये आरोप

    गुमला(GUMLA):गुमला के रायडीह प्रखंड के लुरू, मेडा, डाडटोली, लुरूकोना, टुडुरूमा आदि गांवों के ग्रामीणों को तीन साल में तीन महीने का भी राशन नहीं मिला है.जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.आज ग्रामीणों मिलकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा.

    पढें लोगो ने डीसी से क्या शिकायत की है

    ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में बीडीओ को वे ज्ञापन सौंपकर जांच कर कार्रवाई की मांग किया गया था,साथ ही डीलर के पति पर यह भी आरोप लगाया कि राशन कार्ड बनाने की मांग को लेकर कई ग्रामीणों से तीन-तीन सौ रूपया भी वसूला गया है.ग्रामीणों ने डीसी से मुलाकात कर तत्काल राशन उपलब्ध कराते हुए डीलर के पति के द्वारा राशन कार्ड के लिए लिये गये पैसे वापस दिलाने की मांग की है.

    पढें जिला आपूर्ति ने मामले पर क्या कहा

     उक्त मामले में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि पूर्व में मामला आया था तो डीलर को सस्पेंड कर दिया गया था.उसके बाद एमओ के जांच रिर्पोट पर फिर से दुकान संचालन का निर्देश दिया गया है.फिर से ऐसा मामला आता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

    प्रज्ञा केंद्र संचालक विभाग की मिली भगत से 5 हजार लेकर राशन कार्ड बनाने का काम हो रहा हैं

     सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुमला जिला में फिलहाल राशन कार्ड बनाने का कार्य बंद है लेकिन कुछ प्रज्ञा केंद्र संचालक विभाग की मिली भगत से 5 हजार लेकर अंदर ही अंदर राशन कार्ड बनाने के कार्य में लगे हैं.वही प्रज्ञा केंद्र संचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की विभाग के कई पदाधिकारी को हिस्से का पैसा दिया जाता है.

    रिपोर्ट-सुशील कुमार


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