गुमला में अवैध खनन को लेकर चलाया गया छापेमारी अभियान, खनन माफियाओं में हड़कंप, कई के खिलाफ केस दर्ज

    गुमला में अवैध खनन को लेकर चलाया गया छापेमारी अभियान, खनन माफियाओं में हड़कंप, कई के खिलाफ केस दर्ज

    गुमला(GUMLA):गुमला प्रशासन ने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार विशुनपुर अंचल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन के खिलाफ एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया. इस अभियान का संचालन गुमला जिला टास्क फोर्स, लोहरदगा एवं गुमला फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.

    विशुनपुर क्षेत्र
    जांच के दौरान,  पाया गया कि विशुनपुर और अम्तिपानी क्षेत्र में पट्टा क्षेत्र से बाहर अवैध खनन गतिविधियां की जा रही थी. ऐसे स्थानों पर लगभग 20 एकड़ जमीन पर खनिज उत्खनन से जुड़ी अनियमितताओं के प्रमाण मिले, जो खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1957 का उल्लंघन है.

    बहरगड़ा और रामझरिया क्षेत्र
    यहां पर भी वन भूमि सहित अन्य क्षेत्रों में उत्खनन के स्पष्ट प्रमाण पाए गए. जहां बाउंड्री पिलर्स गायब और क्षतिग्रस्त है.  

    पिरहापाट मोड़
    इस क्षेत्र में लगभग 30 एकड़ भूमि पर अवैध बॉक्साइट खनन की गतिविधियां पाई गई. वहीं ब्लास्टिंग के प्रमाण भी दर्ज किए गए.

    वहीं जांच के दौरान पाया गया कि इन अवैध गतिविधियों से सरकारी राजस्व और राष्ट्रीय संपत्ति को बड़ा नुकसान हो रहा था. जहां इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, छापेमारी के दौरान 40 पुलिसकर्मियों और 6 अमीनों की तैनाती की गई. वहीं इस दौरान कहा गया कि अवैध खनन के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी.

    जांच समिति की अनुशंसा पर उठाए गए कदम 

    • खनन क्षेत्रों में अनियमितताओं के आधार पर संबंधित खनन पट्टों की समीक्षा और रद्दीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई.
    • अवैध खनन में संभावित संलिप्तता की जांच के लिए विस्तृत पड़ताल का आदेश दिया गया.
    • खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1957 की धारा 21(6) के तहत मामले दर्ज किए गए.

    रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह 



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