JTET भाषा विवाद पर सरकार का बड़ा एक्शन, कमेटी की पहली बैठक में अधिकारियों को सौंपे गए बड़े टास्क

    JTET भाषा विवाद पर सरकार का बड़ा एक्शन, कमेटी की पहली बैठक में अधिकारियों को सौंपे गए बड़े टास्क

    रांची (RANCHI): झारखंड में JTET 2026 की नई नियमावली को लेकर शुरू हुआ भाषा विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मुद्दा बन चुका है. इसी विवाद के समाधान के लिए गठित पांच मंत्रियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को आयोजित हुई. करीब दो घंटे तक चली इस अहम बैठक में भाषा सूची से हटाई गई क्षेत्रीय भाषाओं और उससे जुड़े विवादों पर विस्तार से चर्चा की गई.

    बैठक की अध्यक्षता राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की. इस दौरान मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री संजय यादव, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे. बैठक के बाद मंत्रियों ने संकेत दिए कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों की राय और तथ्यों के आधार पर फैसला लेना चाहती है.

    बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि आज की चर्चा काफी महत्वपूर्ण रही और कई बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है. वहीं मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे भाषा विवाद से जुड़े सभी दस्तावेज, पुराने नियम और तथ्य अगली बैठक में कमेटी के सामने प्रस्तुत करें, ताकि किसी भी निर्णय से पहले पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके.

    मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JTET 2026 की नई नियमावली में किन-किन बिंदुओं पर बदलाव की जरूरत है, इसे लेकर विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. हालांकि अगली बैठक की तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को फिर कमेटी की बैठक हो सकती है.

    दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट ने JTET 2026 के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी. नई सूची में भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा श्रेणी से बाहर कर दिया गया, जबकि वर्ष 2016 की JTET परीक्षा में ये भाषाएं शामिल थीं.

    इन भाषाओं को सूची से हटाए जाने के बाद पलामू, गढ़वा, गोड्डा, देवघर और दुमका समेत कई जिलों में विरोध शुरू हो गया. खास बात यह रही कि कांग्रेस और राजद कोटे के कुछ मंत्रियों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की. बढ़ते विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पांच सदस्यीय मंत्रियों की कमेटी गठित की, जिसकी पहली बैठक अब पूरी हो चुकी है.



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