धनबाद के शक्ति मंदिर से भी चुराए गए थे सोना, जानिए फिर क्या हुआ


धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बैंक मोड़ क्षेत्र में सोना लूट और चोरी की घटनाओं की कड़ियों को आगे बढ़ाते हुए आज हम बताएंगे कि जिले के सुविख्यात शक्ति मंदिर भी चोरों के कुकृत्य से नहीं बच सका था. 2007 में मंदिर के ही एक कर्मचारी के बेटे ने मां के गहने सहित अन्य सामान चुरा लिए थे. इस संबंध में बैंक मोड़ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी. बैंक मोड़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा कर लिया था. कुछ गहने भी बरामद हुए थे, इसके बाद जिसने शक्ति मंदिर में गहनों की चोरी की थी, उसने कहीं और चोरी की.
मिट्ठू रोड के दुकानदार की कर दी गई थी हत्या
वहां सोने नहीं बल्कि नकली गहने उसे हाथ लग गए. वो सोना मिट्ठू रोड(धनबाद) के ही एक दुकानदार को बेच दिया था. दुकानदार ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि गहने नकली हैं, जब दुकानदार ने पैसे की मांग की तो कथित रूप से शक्ति मंदिर के कर्मचारी के बेटे ने उसकी हत्या कर दी. उस समय धनबाद के एसपी हुआ करते थे अब्दुल गनी मीर. व्यापारी की हत्या के बाद काफी हंगामा मचा था लेकिन धीरे-धीरे मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया. उसके बाद माहौल पूरी तरह से शांत हो गया. आपको बता दें कि जिले का यह बहुत प्रतिष्ठित मंदिर है. सचिव अरुण कुमार भंडारी बताते हैं कि 1997 से मंदिर स्थापित है और लगातार भक्तों की भीड़ बढ़ रही है. और माता के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है.
हिमाचल से लाई गई है ज्योति
आपको बता दें कि इस मंदिर में लगातार प्रज्जवलित होने वाली ज्योति हिमाचल से लाई गई है और उसके बाद से लगातार जल रही है. त्योहारों के अवसर पर भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि भक्तों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का सहयोग लेना पड़ता है. आपको बता दें कि शनिवार को धनसार स्थित गुंजन ज्वेल्स डाका पड़ा, उसके बाद मंगलवार को मुथूट फाइनेंस को लूटने की कोशिश की गई. इसी कड़ी में शक्ति मंदिर की कहानी भी आपको जाननी चाहिए. हालांकि बैंक मोड़ पुलिस की तत्परता अपराधी की गिरफ्तारी, कुछ गहनों की बरामदगी भी पुलिस की सक्रियता से संभव हो पाई थी.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश
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