झरिया की गीता देवी को धनबाद के सदर अस्पताल में ऐसे मिली उम्मीदों की नई जिंदगी!


धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सदर अस्पताल में शुक्रवार को एक दिव्यांग महिला का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया, महिला के पति भी दिव्यांग हैं. सदर अस्पताल ने महिला को नया जीवन दिया. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि सदर अस्पताल में झरिया क्षेत्र के लोदना नंबर 4 की रहने वाली 30 वर्षीय गीता देवी, पति अमरजीत पासवान, जन्म से ही दिव्यांग (बोलने में असमर्थ) हैं.
उनके पति भी पोलियो से ग्रसित हैं और स्थानीय स्तर पर चिनिया बादाम बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते है. गीता देवी के चार छोटे बच्चे हैं. प्रसव के बाद गीता देवी को बच्चेदानी बाहर आने (यूटेराइन प्रोलैप्स) की गंभीर समस्या हो गई थी, साथ ही उन्हें पेशाब करने में भी काफी कठिनाई हो रही थी. अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार इलाज कराने में असमर्थ था.
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद आसपास कोई ऐसा अस्पताल उपलब्ध नहीं था, जहाँ उचित उपचार मिल सके. परिवार की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को देखते हुए सहिया के माध्यम से गीता देवी को सदर अस्पताल लाया गया. यहाँ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव द्वारा जांच के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया. दिनांक 16 जनवरी 2026 को डॉ. संजीव के नेतृत्व में गीता देवी का सफल वेजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर है.
इस सर्जरी में निश्चेतक डॉ. आनंद, ओटी सहायक मधुसूदन मरांडी तथा अनिता सिस्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही. परिजनों ने बताया कि यदि यह ऑपरेशन बाहर किसी निजी अस्पताल में कराया जाता तो लगभग 50 से 60 हजार रुपये का खर्च आता, जो उनके लिए संभव नहीं था. गीता देवी के पति और परिवार ने जिला प्रशासन के साथ सदर अस्पताल एवं पूरी चिकित्सकीय टीम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल ने उनकी उम्मीदों को नई ज़िंदगी दी है.
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