jharkhand congress  में "कुर्सी" का खेल : कितने जिला अध्यक्ष रहेंगे, कितने बदले जाएंगे, क्यों तय करेगी दिल्ली, पढ़िए !

    jharkhand congress  में "कुर्सी" का खेल : कितने जिला अध्यक्ष रहेंगे, कितने बदले जाएंगे, क्यों तय करेगी दिल्ली, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : भाजपा की तर्ज पर एरिया के हिसाब से जिला कांग्रेस समितियों को भी दो भागों में बांटने की तैयारी चल रही है. भाजपा ने भी क्षेत्रफल को देखते हुए निर्णय लिया था कि धनबाद जिले सहित कुछ को  दो हिस्सों में बांट दिया गया था. यह अलग बात है कि कांग्रेस में अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन मामला बहुत आगे बढ़ गया है. पार्टियों  को इससे कई फायदे होते है. कार्यकर्ताओं तक पहुंचने में सुविधा होती है. दूसरी बात यह होती है कि अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को संतुष्ट किया जा सकता है. कांग्रेस की ओर से फिलहाल पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में वर्तमान जिला अध्यक्षों की कुर्सी बचेगी या जाएगी, इसका पता आगे चल पाएगा. 

    वार्ड से लेकर जिला स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन की तैयारी 
     
    राष्ट्रीय स्तर के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत वार्ड से लेकर जिला स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन का काम चल रहा है. सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस संगठन झारखंड के सभी जिलों में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर रहा है. धनबाद जिला अध्यक्ष की कुर्सी भी जा सकती है. धनबाद जिला कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के लिए कार्यकर्ताओं की लंबी फेहरिश्त है. सभी जिलों के वर्तमान जिला अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने के लिए दौड़ धूप कर रहे है. अपना प्रोफाइल तैयार कर रहे हैं, किए गए कार्यों की सूची बना रहे है. वह दावा करेंगे कि उनसे बेहतर जिला अध्यक्ष कोई हो नहीं सकता है. खै , यह तो संगठन के लोग देखंगे. 
     
    के राजू के प्रभारी बनने के बाद से ही बदलाव की बह रही है हवा 
     
    दरअसल, झारखंड के प्रभारी के राजू के बनने के बाद से ही संगठन के कामों में परिवर्तन की झलक दिखने लगी है. के राजू सेवानिवृत अधिकारी रहे है. इस वजह से उनके काम करने का तरीका भी कुछ अलग है. कुछ दिन पहले तह  हवा उड़ रही थी कि प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को भी बदला जा सकता है. लेकिन यह बात निर्मूल साबित हुई. लेकिन अब जिस तरीके से काम चल रहा है, उससे  साफ लग रहा है कि अब केवल कुर्सी के लिए पदाधिकारी नहीं रहेंगे, उन्हें लोगों तक पहुंचना होगा, गांव-गांव तक जाना होगा, लोगों का भरोसा अर्जित करना होगा. जानकारी के अनुसार जिला अध्यक्षों के बदलाव के लिए राष्ट्रीय कांग्रेस ने जिला वार 25 पर्यवेक्षक नियुक्त किए है.  वहीं प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलों के लिए तीन-तीन पर्यवेक्षकों की कमेटी बनाई है.

    जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए अनुशंसा महत्वपूर्ण होगी 
      
    यह सभी मिलकर जिला अध्यक्ष के नाम की  अनुशंसा करेंगे. कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने झारखंड के मंत्री, विधायक, सांसद समेत वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है. हालांकि कमेटी को लेकर कुछ विरोध भी है. सीनियर- जूनियर का मामला भी सामने आया है. संगठन सुधार 2025 में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया और संगठन की मजबूती पर विचार होगा.  27 अगस्त को रांची में प्रदेश पर्यवेक्षकों, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है. खैर, झारखंड के सभी जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष को बदल दिया जाता है अथवा परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ की कुर्सी बची रह सकती है. यह देखने वाली बात होगी. यह भी हो सकता है कि सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाए.  वैसे, इस कार्रवाई से कांग्रेस के कई "पैराशूट" नेताओं की परेशानी बढ़ गई है.
     
    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

     


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