पूर्व आइएएस केके खण्डेलवाल लगा रहे है देवघर में बच्चों की क्लास! दे रहे हैं आईआईटी में सफलता पाने के टिप्स

    पूर्व आइएएस केके खण्डेलवाल लगा रहे है देवघर में बच्चों की क्लास! दे रहे हैं आईआईटी में सफलता पाने के टिप्स

    देवघर(DEOGHAR):झारखंड के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पद से सेवानिवृत्त केके खण्डेलवाल आज देवघर कबआर मित्रा डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस के बच्चों से मिलने पहुंचे.जहां विद्यालय के प्रधानाध्यापक कार्तिक प्रसाद तिवारी ने उनका स्वागत किया.खंडेलवाल ने उपस्थित विद्यार्थियों को आईआईटी की तैयारी के लिए मार्गदर्शन देते हुए फ़ास्ट कैलकुलेशन के उपयोगी तरीके भी सिखाए.देवघर डीसी के पद पर रह चुके खंडेलवाल ने अपने अनुभवों की चर्चा करते हुए कहा कि मुझे इस स्कूल में कई बार आने का अवसर मिला है.इस विद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है. खंडेलवाल देवघर, गोड्डा और पाकुड़ के उपायुक्त भी रह चुके हैं.

    रटने की जगह कांसेप्ट क्लियर करने की जरूरत

    खंडेलवाल ने कहा कि आईआईटी की तैयारी में रटने की नहीं बल्कि कॉन्सेस्ट क्लीयर करने की जरूरत है.बच्चों की अच्छी तैयारी तभी संभव है,जब बच्चे फैकेल्टी में डेप्थ हो.खंडेलवाल ने आईआईटी खड़गपुर में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के अनुभव भी शेयर किए सेवाकाल में उन्होंने जिन भी 16 बच्चों को पढ़ाया,सबको आईआईटी में प्रवेश मिला.उनके पुत्र अनुपम को AIR 9 मिला. यह विगत 20 वर्षों में झारखंड का सर्वश्रेष्ठ रैंक है.खंडेलवाल ने कहा कि डेप्थ में पढ़ाई और फ़ास्ट कैलकुलेशन के कारण अनुपम को यह सफलता मिली. गणित और भौतिकी में अनुपम को जितने मार्क्स मिले, उतने मार्क्स कोटा के भी किसी स्टूडेंट को नहीं मिल सके.

    आईआईटी प्रवेश परीक्षा में मात्र तीस प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे भी क्वालीफाई कर जाते हैं

    आगे खंडेलवाल ने कहा कि आईआईटी प्रवेश परीक्षा में मात्र तीस प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे भी क्वालीफाई कर जाते हैं, लेकिन अच्छे रैंक लाने वाले बच्चों के मार्क्स काफी अधिक होते हैं अच्छे रैंक से सफलता के लिए डेप्थ में तैयारी के साथ ही लगातार रिवीजन करना और कम समय में अधिकतम टेस्ट पेपर सॉल्व करने का प्रयास करना चाहिए.उन्होंने कहा कि मैंने दो साल का सिलेबस मात्र आठ नौ महीने में खत्म कराकर बचे हुए समय में लगातार रिवीजन बच्चों को कराया।यही कारण है कि तैयारी करने वाले बच्चों को अच्छी सफलता मिली. उन्होंने कहा कि किसी भी सवाल में कोई भी डाउट हो तो उसको दबाना नहीं चाहिए बल्कि उसे शीघ्र पूरा क्लीयर करना जरूरी है.अगर आप गंभीरता से पढ़ेंगे, तो डाउट आना स्वाभाविक है.

    रिपोर्ट-रितुराज सिन्हा



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