धनबाद(DHANBAD): धनबाद जिला कांग्रेस में उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. नाराज गुट झुकने को तैयार नहीं है. वह जिला समिति को लगातार ललकार रहा है और सक्रिय है. खास बात यह है कि नाराज नेताओं की फेहरिश्त लंबी होती जा रही है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी जुड़ते जा रहे हैं. देखना दिलचस्प होगा कि धनबाद जिला कांग्रेस में छिड़ी यह "पावर" की लड़ाई कहां जाकर रुकती है, रुकती भी है अथवा नहीं।
धनबाद जिला कांग्रेस में गुटबाजी का बोलबाला
बता दें कि धनबाद जिला कांग्रेस में भी अब गुटबाजी सिर चढ़कर बोल रही है. एक गुट वर्तमान कमेटी का है तो दूसरा गुट नाराज कांग्रेस के नेताओं का है. दोनों के बीच शह -मात की लड़ाई चल रही है. कोई गुट झुकने को तैयार नहीं है. ऐसे में धनबाद कभी कांग्रेस के लिए उर्वरक धरती रही है, अब वह बंजर होती दिख रही है. कांग्रेस नेताओं में नाराजगी इस कदर हावी है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के शहादत दिवस कार्यक्रम को भी दोनों गुट अलग-अलग आयोजित किये। इसकी चर्चा समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता कर रहे हैं और कह रहे हैं कि निजी स्वार्थ में पार्टी का अब बंटाधार होना तय है.
हाउसिंग कॉलोनी कार्यालय में भी हुआ कार्यक्रम
दरअसल, धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से हाउसिंग कॉलोनी कार्यालय में गुरुवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का शहादत दिवस सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने की. कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला प्रभारी राकेश किरण महतो ,जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह सहित मुख्तार खान, मनोज यादव, योगेंद्र सिंह जोगी, सीता राणा। मंजर आलम, अवध नारायण प्रसाद, मंटू दास, राजू दास सहित अन्य नेता मौजूद रहे. इस मौके पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया.
नाराज कांग्रेस के नेताओं ने अलग किया कार्यक्रम
दूसरी ओर नाराज कांग्रेस के नेताओं ने धनबाद के गांधी सेवा सदन में श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेता शामिल हुए. अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश्वर सिंह यादव ने की. मंच संचालन हुमायूं राजा ने किया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश लाल, अवधेश पासवान, श्रीराम चौरसिया, वैभव सिन्हा , प्रसाद निधि, अनवर शमीम , डीके सिंह, माधव सिंह, लखन बेसरा, राजीव रंजन चौबे, मनोज सिंह, बबलू दास आदि मौजूद थे. दरअसल, धनबाद जिला कांग्रेस में मनमुटाव तो पहले से चल रहा था. संतोष सिंह जब फिर से जिला अध्यक्ष बनाए गए तभी विरोध हुआ. लेकिन विरोध की आग अभी हाल में तब तेज प्रज्जवलित हुई, जब धनबाद सीओ के खिलाफ धनबाद जिला कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोल दिया।
सर्किट हाउस में बैठक के बाद विवाद और तेज हुआ है
इसके बाद नाराज कांग्रेस के नेताओं ने सर्किट हाउस में बैठक की और कहा कि सीओ के खिलाफ आंदोलन में पार्टी के बैनर, पोस्टर का गलत इस्तेमाल हो रहा है. इसके अलावे भी कई गंभीर आरोप लगाए गए. इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनिक कार्रवाई भी की. उसके बाद नाराजगी और तेज हो गई और शायद यही वजह है कि जिला कमेटी ने अलग कार्यक्रम आयोजित किया तो विछुब्ध कांग्रेस के नेताओं ने अलग कार्यक्रम आयोजित कर जिला समिति को चुनौती दी. यह बात सच है कि धनबाद कभी कांग्रेस की उर्वरक धरती थी. यहां के विधायक और सांसद कांग्रेस के हुआ करते थे. लेकिन समय के साथ कोयलांचल में कांग्रेस कमजोर होती गई और नतीजा हुआ कि आज कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता कोयलांचल में आपस में ही लड़ -भिड़ रहे है.

