पलामू (PALAMU): जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है.
जिला प्रशासन ने सीएचसी में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ. शिवसकल की सेवा विस्तार पर रोक लगाने और उनका अनुबंध समाप्त करने की सिफारिश झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति को भेज दी है. वहीं संविदा पर कार्यरत एएनएम श्वेतलाना, नेना कुमारी और नीता कुजूर की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य समिति को भेजा गया है. इसके अलावा आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत सफाईकर्मी राजवंती देवी की सेवा समाप्त करने का निर्देश भी जारी किया गया है.
पूरा मामला 3 मई का है, जब पांकी सीएचसी में प्रसव और इलाज के नाम पर मरीज से पैसे मांगने की शिकायत प्रशासन तक पहुंची थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई. टीम ने 4 मई को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी. जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बालूडीह गांव की रहने वाली सुनीता देवी से प्रसव कराने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई थी. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एएनएम श्वेतलाना को 2 हजार रुपये भी दिए गए थे, हालांकि बाद में वह राशि वापस कर दी गई.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ड्यूटी पर मौजूद आयुष चिकित्सक डॉ. शिवसकल ने महिला की समुचित जांच किए बिना ही उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया. प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले में तेजी दिखाते हुए तत्काल जांच कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी. अब इस कार्रवाई को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है.

