मकर संक्रांति के अवसर पर हर वर्ष दही-चूड़ा और तिल से किया जाता है ज्योर्तिलिंग का आभिषेक, जानिए क्या है मान्यता 

    मकर संक्रांति के अवसर पर हर वर्ष दही-चूड़ा और तिल से किया जाता है ज्योर्तिलिंग का आभिषेक, जानिए क्या है मान्यता 

    देवघर (DEOGHAR): मकर संक्रांति के अ‌वसर पर देवघर स्थित पवित्र द्वादश ज्योर्तिलिंग के जलार्पण के लिए सुबह से ही श्रद्धालूओं की भीड़ लगी रही. मकर संक्रांति के त्यौहार वाले दिन बाबा बैद्यनाथ के जलार्पण और पूजा अर्चना के साथ तिल और दही-चूड़ा चढ़ाने की अति प्राचीन परंपरा रही है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के अवसर पर कामना लिंग को तिल और दही-चूड़ा का भोग लगाने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

    देश-विदेश से बाबा धाम पहुंचे करीब एक लाख श्रद्धालु 

    देश-विदेश से श्रद्धालू मकर संक्रांति के दिन बाबा की विशेष पूजा-अर्चना करने देवघर पहुंचते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन नई फसल से तैयार चूड़ा बाबा को अर्पित कर साल भर के लिए मंगल कामना की जाती है. आज से धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य की शुरुआत हो जाती है. श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई. खुद मंदिर प्रशासक सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसपी सुभाष चंद्र जाट द्वारा लगातार मोनिटरिंग की गई. कतारबद्ध व्यवस्थित तरीके से सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं को सुलभ जलार्पण करवाई गई. मंदिर परिसर से लेकर पूरे रुट लाइन में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई. मकर संक्रांति के मौके पर एक लाख के आसपास श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना और जलाभिषेक करने की उम्मीद की गई थी. 

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news