परिवार पर कोई संकट नहीं आये ,इसलिए तेरे शरण में हू माँ


धनबाद (DHANBAD): कोयलांचल में मां विपदतारिणी पूजा धूमधाम से मनायी गई. सुबह से ही मंदिरों में महिलाओं की भीड़ जुटी हुई थी. महिलाओं ने मां विपदतारिणी का व्रत रख कर पूजा-अर्चना की. पूजा कर भक्तों ने परिवार पर आने वाले हर संकट को टालने के लिए मां से प्रार्थना की. इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को विपदतारिणी पूजा की शुभकामनाएं भी दी. इस पूजा में 13 का विशेष महत्व है.
इसलिए पूजा के दौरान 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल, 13 प्रकार के मिष्ठान मां को अर्पित किये जाते हैं. वहीं, पूजा के बाद लाला रंग का धागा परिवार के सभी सदस्य अपनी कलाई या बांह में बांधते हैं. जिसके साथ दूर्वा (दूब) घास बांधा हुआ रहता है. इस लाल रंग के धागे पर भी 13 गांठ लगाए जाते हैं. इस धागे के बारे में ऐसी मान्यता है कि इसे कलाई या बांह में बांधकर रखने से हर प्रकार की विपदा से हम बच सकते है. इसलिए इसे मा विपदतारिणी का रक्षा-सूत्र भी कहा जाता है. ऐसे तो इस रक्षा-सूत्र को बांह में ही बांधने का नियम है, लेकिन आजकल के युवा पीढ़ी इसे अपनी कलाई में बांधना पसंद कर रही है.
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