धनबाद में रविवार को आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 न केवल शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, बल्कि इस दौरान एक भावुक दृश्य ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जिले के सभी 77 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कदाचारमुक्त माहौल में आयोजित की गई, जहां हजारों परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया.
निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा तीन शिफ्ट में आयोजित की गई. सुबह 7 बजे से अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग शुरू हुई. पहली शिफ्ट सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा हुई, दूसरी शिफ्ट 11:30 से 1:30 बजे तक जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की, जबकि तीसरी शिफ्ट 3:30 से 5:30 बजे तक भाषा ज्ञान की परीक्षा ली गई. जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे. 77 केंद्रों को 7 जोन में बांटकर जोनल दंडाधिकारियों और फ्लाइंग स्क्वायड की तैनाती की गई थी.
परीक्षा के बाद भावुक था नजारा
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर का नजारा बेहद भावुक था. जैसे ही अभ्यर्थी बाहर निकले, कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों से लिपट गईं. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के दिल को छू गया. मां और बच्चे के इस मिलन में एक अलग ही सुकून और संघर्ष की कहानी झलक रही थी.
ऐसी ही एक परीक्षार्थी अर्चना ने बताया कि वह सुबह से ही परीक्षा केंद्र में थीं और इस दौरान उन्हें अपने बच्चे की बहुत याद आ रही थी. उन्होंने कहा कि “परीक्षा देना भी जरूरी था और बच्चे से दूर रहना भी मुश्किल, लेकिन अब राहत है कि पेपर अच्छा गया.” उनके चेहरे पर संतोष और आंखों में ममता साफ झलक रही थी.
परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा को संतुलित बताया और कहा कि प्रश्न उनकी तैयारी के अनुसार ही थे. कुल मिलाकर, यह परीक्षा जहां प्रशासनिक दृष्टि से सफल रही, वहीं मां के संघर्ष और ममता की झलक ने इस दिन को और भी खास बना दिया.
रिपोर्ट: नीरज कुमार.



