सारंडा में IED विस्फोट से हाथी घायल, इलाज के लिए वन विभाग की कोशिशें लगातार जारी


चाईबासा (CHAIBASA): सारंडा वन क्षेत्र के समता प्रक्षेत्र में IED विस्फोट से घायल जंगली हाथी के इलाज को लेकर वन विभाग की जद्दोजहद जारी है. यह इलाका मनोहरपुर से करीब तीन किलोमीटर दूर घने जंगल और झाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां तक पहुंचना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.
वन अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट में हाथी का दायां पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया है. हाथी के इलाज के लिए विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम मौके पर तैनात है, जिसमें मनोहरपुर के पशु चिकित्सक, चाईबासा के वेटनरी डॉक्टर, किरीबुरू और जमशेदपुर से आए विशेषज्ञ शामिल हैं. हालांकि, घने वन क्षेत्र और हाथी की मौजूदा स्थिति के कारण उसे पूरी तरह ट्रेंकुलाइज कर इलाज करना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है.
वन विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार के तहत हाथी को दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए गए हैं, ताकि उसकी स्थिति को स्थिर रखा जा सके. विभाग ने बताया कि बेहतर और सुरक्षित इलाज के लिए ‘वनतारा’ की विशेष टीम के आज रात तक मौके पर पहुंचने की संभावना है. टीम के पहुंचते ही वैज्ञानिक तरीके से हाथी को ट्रेंकुलाइज कर उसका समुचित इलाज किया जाएगा.
मौके पर मनोहरपुर, गुवा, किरीबुरू वन क्षेत्र और समता प्रक्षेत्र की टीमें लगातार डटी हुई हैं. साथ ही हाथी की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जंगल की ओर जाने से परहेज करें, ताकि हाथी और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
रिपोर्ट : संतोष वर्मा
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