Eight lane सड़क निर्माण का साइड इफ़ेक्ट - दुकान-घर लोग लकड़ी की सीढ़ी लगाकर जा रहे


धनबाद (DHANBAD): झारखंड की पहली आठ लेन सड़क धनबाद में बन रही है. काम की शुरुआत तो रघुवर दास की सरकार में ही हुई थी लेकिन उसके बाद काम की गति धीमी पड़ गई, कभी-कभी तो बंद भी हो गई थी. इधर काम में फिर थोड़ी गति आई है. बरसात का मौसम है , ऐसे में सड़क के दोनों किनारे दुकान वाले पानी जमने, दुकानें गड्ढे में हो जाने, अस्पताल में पानी घुसने आदि समस्याओं से परेशान है.
यह बात अलग है कि आठ लेन सड़क तैयार हो जाने के बाद इसे झारखंड का हृदय स्थल भी कहा जा सकता है लेकिन अभी सड़क के किनारे दुकान चलाने वाले या रहने वाले लोग काफी परेशान है. उनका कहना है कि अपनी परेशानी को निर्माण में लगी कंपनी के प्रतिनिधियों को बताया भी है लेकिन आश्वासन के सिवा उन्हें कुछ मिला नहीं है. नतीजा है कि पिछले एक साल से वह लगातार परेशानी झेल रहे है. दुकानों के आगे पानी जम जा रहा है ,घरों में पानी घुस जा रहा है, ऐसे में उनका रहना भी मुश्किल है और दुकानदारी करना भी कठिन. दुकानदार संतोष जायसवाल ने कहा कि पिछले एक साल से परेशानी झेल रहे है. दुकान का भाड़ा, स्टाफ का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है.
लगातार अपनी परेशानी बता रहे हैं फिर भी कोई सुगबुगाहट नहीं हो रही है. दुकानदार जय देव मंडल ने कहा कि कहते -कहते अब थक गए हैं ,क्या करें -अब कुछ समझ में नहीं आ रहा है. वही लकड़ी का सीडी बनाकर दुकानदारों को दुकान तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाए दुकानदार मनीष ने कहा कि सड़क बनाने वाली कंपनी से मेरा अनुरोध है कि कोई ना कोई रास्ता ढूंढे.
वही शिवम अस्पताल के प्रबंधक नीलकंठ महतो ने कहा कि सड़क पर मिट्टी जमने के कारण उनका अस्पताल नीचे हो गया है और बरसात में सीधे पानी घुस जा रहा है. इस वजह से उन लोगों ने खुद कुछ काम कराया है ,जिसमे कि कम से कम पानी नहीं जाए, कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आठ लेन सड़क लोगों को परेशानी का कारण बनी हुई है. बरसात के कारण परेशानी ज्यादा हो रही है. बता दें कि गोल बिल्डिंग से लेकर कांको तक आठ लेन सड़क बनाने का काम चल रहा है.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश, धनबाद
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