धनबाद में शिक्षा विभाग बड़ा या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जानें आखिर यह सवाल क्यों उठा 

    धनबाद में शिक्षा विभाग बड़ा या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जानें आखिर यह सवाल क्यों उठा 

    धनबाद (DHANBAD) : धनबाद में शिक्षा विभाग बड़ा या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी ) ,यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच  ब्यूरो कर रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग और स्कूल के संचालक दस्तावेज ब्यूरो को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं. धनबाद जिले में सरकारी स्कूल हो या सरकारी सब अपनी मनमर्जी करते हैं. फीस को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी तो अभी हाल ही में पूरे धनबाद ने देखी लेकिन सरकारी स्कूलों का हाल देखिए कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को कागजात तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.  

    ₹10करोड़  से अधिक की गड़बड़ी की शिकायत

    आपको बता दें कि एसीबी धनबाद में सरकारी समेत अन्य निजी स्कूलों में हुए अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहा है.₹10करोड़  से अधिक की गड़बड़ी की शिकायत है.  एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक ने 12 अगस्त को जिला शिक्षा पदाधिकारी को चिट्ठी लिखी है और 88 स्कूलों का उसमें जिक्र किया है.  पत्र में कहा गया है कि स्कूलों द्वारा यू डायस पर निबंधन के लिए दिए गए दस्तावेज की सत्यापित प्रति मांगी गई थी ,जो कि अभी तक नहीं मिली है.  दस्तावेज नहीं मिलने से जांच प्रभावित हो रही है.  

    2017 से लेकर 2020 तक की हो रही है जांच 

    बता दें कि 2017 से लेकर 2020 तक भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा बच्चों को दी जाने वाली अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की 3 योजनाएं- प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, मेरिट कम मींस स्कॉलरशिप में हुई गड़बड़ी की जांच एसीबी कर रहा है.  प्रारंभिक जांच में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की राशि की निकासी फर्जी छात्रों के नाम पर होने की बात सामने आई थी.  इसमें कल्याण विभाग के अधिकारी, स्कूलों के संचालक और अन्य लोग शामिल बताए गए थे.  गड़बड़ी के लिए एजेंटों को शामिल किया गया था.  तत्कालीन डीसी के आदेश पर यह जांच हुई थी.  मामला सही प्रतीत होने के बाद इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुरू की लेकिन शिक्षा विभाग ब्यूरो को सहयोग नहीं कर रहा है. 


     


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