रांची(RANCHI): सेना की जमीन घोटाला मामले में रांची में ED की जांच जारी है. कई अधिकारी, कारोबारी और जमीन दलाल से पूछताछ हो चुकी है. लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है. सभी से पूछताछ की कड़ी को आगे बढ़ाने के लिए और भी नए नए लोगों से पूछताछ हो रही है. ED अब सिर्फ सेना की जमीन नहीं बल्कि सैकड़ो एकड़ जमीन के बारे में जानना चाह रही है.
डिप्टी रजिस्टार वैभवमणि त्रिपाठी से पूछताछ
आखिर कैसे राजधानी में अवैध जमीन की खरीद बिक्री जोरो ओर जारी थी. इस जमीन हेरा फेरी के पूरे प्रकरण के पीछे बैठा आका कौन है. बता दे कि ईडी ने 13 अप्रैल को आईएएस छवि रंजन सहित इनसे जुड़े जमीन दलाल और अंचल के अधिकारियों के 22 ठिकानों पर दबिश बनाया था. इसके बाद सात लोगों को जेल भेजा और रिमांड पर लेकर पूछताछ किया था. इस पूछताछ के बाद आईएएस छवि से भी पूछताछ हुई. लेकिन फिर एक बार कई जानकारियां ED को मिली है जिसे सुलझाने के लिए डिप्टी रजिस्टार वैभवमणि त्रिपाठी के अलावा आईएएस छवि रंजन को चार मई और कारोबारी विष्णु अग्रवाल को आठ मई को हाजिर होने का आदेश दिया है.
पूछे जाएंगे ये सवाल
डिप्टी रजिस्टार से ED यह जानने की कोशिश कर रही है की फर्जी दस्तवेज के जरिये आखिर जमीन रजिस्ट्री कैसे की जा रही थी. क्या जमीन रजिस्ट्री के समय दस्तवेज की जांच पड़ताल नहीं कि जा रही थी. क्या जमीन रजिस्ट्री के लिए किसी अधिकारी या राजनेता का दबाव रहता था. अगर दबाव बनाया जाता था वो कौन लोग है. उनका नाम क्या है वो कौन से पद पर है. इसके अलावा इससे जुड़े कई सवाल है. जिसमें डिप्टी रजिस्टार जवाब नहीं दे पा रहे हैं.
Ed अब जमीन घोटाला मामले में तह तक जाने की कोशिश में है. आखिर इतने बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तवेज बनाए जा रहे थे. मोटेशन और राशिद काटा जा रहा था तो इतने बड़े खेल में बिना बडे अधिकारी के मिली भगत से संभव नहीं है. इन सब सवालों के जवाब के लिए ED कई और स्थानों पर छापेमारी कर सकती है. साथ ही आने वाले दिनों कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे.
रिपोर्ट: समीर हुसैन
Thenewspost - Jharkhand
4+

