दुमका के स्वास्थ्य सेवा की बदहाली का प्रमाण है यहां का सरकारी अस्पताल, प्रशिक्षु आईएएस ने लिया जायजा, जानिए क्या हुए खुलासे

    दुमका के स्वास्थ्य सेवा की बदहाली का प्रमाण है यहां का सरकारी अस्पताल, प्रशिक्षु आईएएस ने लिया जायजा, जानिए क्या हुए खुलासे

    दुमका (DUMKA) : दुमका जिला में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है. आलम यह है कि अस्पताल में रहने वाली दवाई एएनएम के घर की शोभा बढ़ा रहा है. डॉक्टर से लेकर एएनएम तक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में रहते नहीं और मरीज का इलाज सफाई कर्मी के पति द्वारा किया जाता है. इसका खुलाशा प्रशिक्षु आईएएस सन्नी राज और सदर बीडीओ राजेश सिन्हा की जांच में हुआ. 

    अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे आईएएस 

    दरअसल, प्रशिक्षु आई०ए०एस०-सह-सहायक समाहर्त्ता सन्नी राज और दुमका प्रखण्ड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा का हाल जानने सदर प्रखण्ड के बड़तल्ली पंचायत स्थित स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र गान्दो पहुंचे. केंद्र के निरीक्षण के दौरान कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए. बता दें कि स्वास्थ्य केन्द्र में एक सीएचओ और तीन एएनएम प्रतिनियुक्त है, जिसमें से दो एएनएम ही केन्द्र में उपस्थित पायी गयी. अन्य दो अनाधिकृत रूप से केन्द्र से अनुपस्थित पायी गयी. कल 2 जनवरी को सीएचओ और कोई भी एएनएम स्वास्थ्य केन्द्र में उपस्थित नहीं थी. ओपीडी रजिस्ट्रर को देखने से पता चला कि 02 जनवरी को तीन मरीज को स्वास्थ्य केन्द्र में देखा गया था और दवाई भी मरीजो को उपलब्ध कराया गया था. इस संबंध में जब उपस्थित एएनएम पूछा गया तो बताया गया कि स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत सफाई कर्मचारी जोबाती हांसदा के पति ढेना मुर्मू द्वारा मरीजों को देखा गया और देखने के उपरान्त उनके द्वारा ही दवाई दिया गया. इसके साथ ही ओपीडी रजिस्ट्रर में भी मरीजों का नाम अंकित किया गया. यह भी पता चला कि सफाई कर्मचारी के पति ढेना मुर्मू स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी पद पर कार्यरत नहीं है और न ही उनको किसी प्रकार का मानदेय प्राप्त होता है. कल मरीजों को देखने और दवाई देने संबंधी मामले को ढेना मुर्मू द्वारा स्वीकार भी किया गया.

     दवाई भंडार की पंजी

    दवाई की भंडार पंजी के अवलोकन से यह पता चला कि प्रेग्नेंसी टेस्ट किट दिनांक 05 अप्रैल 2022 को 550 और 08 जुलाई 2022 को 150 किट स्वास्थ्य केन्द्र को प्राप्त हुआ. मई 2022 से लेकर अभी तक कुल 57 किट लाभार्थियों को बाटा गया है, पर जब अवशेष किट दिखाने को कहा गया तो उपस्थित एएनएम रीना फ्लोरा मुर्मू और पारोजीनी मराण्डी द्वारा लगभग 400 किट ही दिखाया गया. शेष किट के बारे में कड़ाई से पुछताछ करने पर एएनएम रीना फ्लोरा मुर्मू द्वारा बताया गया कि बाकी किट उनके घर में है और कुछ दवाईयां भी घर में रखा गया है. जब स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक के बारे में एएनएम से पूछा गया तो बताया गया कि इस स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक महीना में दो-तीन बार ही स्वास्थ्य केन्द्र में आते हैं.

    एएनएम रहते हैं नदारत

    निरीक्षण के दौरान यह भी मामला सामने आया कि प्रतिनियुक्त एएनएम सुशीला मुर्मू 23 दिसंबर 2022 से 3 जनवरी तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे हैं. दो एएनएम रीना फ्लोरा मुर्मू और पारोजीनी मराण्डी 22 दिसंबर 2022 से 02 जनवरी 2023 तक लगातार दस दिन आकस्मिक अवकाश पर थी जो कि झारखण्ड सेवा संहिता के अनुसार नियम संगत नहीं है. इस संबंध में पुछने पर एएनएम द्वारा बताया गया कि प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी, दुमका द्वारा अवकाश स्वीकृत किया गया था.

    मशीन की दशा बेकार 

    स्वास्थ्य केन्द्र में संधारित किये जा रहे विभिन्न प्रकार के पंजी के पृष्ठ भी सत्यापित नहीं पाया गया. यहां तक कि पीएम केयर्स का नया ऑक्सीजन मशीन बेकार अवस्था में पड़ा हुआ है. स्वास्थ्य केन्द्र की अनियमतताओं तथा अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति के संबंध में सभी एएनएम और सीएचओ को कारण पृच्छा किया गया है. साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र की विस्तृत प्रतिवेदन सिविल सर्जन दुमका को भी भेजा जा रहा है. अब आप समझ सकते है कि दुमका में स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल है. जब सफाईकर्मी के पति डॉक्टर बन कर मरीज का इलाज कर सकते है, दवाई दे सकते है तो मरीज का रखवाला भगवान ही हो सकते है. किसी के जीवन से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है. अगर किसी मरीज के साथ अनहोनी होती तो जिम्मेदार कौन होता. जरूरत है प्रसासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाने की ताकि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकें.

    रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका


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