दुमका : उपराजधानी में ये कैसी अशांति, कहीं हो रहे हत्या और बलात्कार, तो कहीं कोई बन रहा मॉब लिंचिंग का शिकार


दुमका(DUMKA): अपेक्षाकृत शांत माने जाने वाला दुमका जिला 2 महीने से अशांत हो गया है. हत्या, बलात्कार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं अब तो लोग कानून को हाथ में लेकर मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने लगे हैं. बीते दिन लोगों ने कथित चोर की पीट-पीट कर हत्या कर दी. वहीं शनिवार देर रात शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सिमुलती गांव के पास ट्रक और बाइक की टक्कर के कारण लोगों में इतना आक्रोश पैदा हो गया कि उन्हें शांत करवाने पहुंची पुलिस पर ही ग्रामीणों ने हल्ला बोल दिया.
कथित चोर की मौत होने तक पिटाई
24 घंटे के अंदर दुमका में मॉब लिंचिंग की दो घटनाएं घटी. शनिवार देर रात तालझारी थाना क्षेत्र के कपरजोरा गांव में ग्रामीणों ने एक कथित चोर को जमकर पीटा. पेड़ में बांधकर उसकी तब तक पिटाई की गई, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. सुबह पुलिस को सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका के फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया. गांव की एक महिला का आरोप है कि सुबह 4:00 बजे के करीब जब वह घर का दरवाजा खोल बाहर निकल रही थी, उसी वक्त एक व्यक्ति जो पहले से घात लगाकर खड़ा था, उस पर झपट्टा मारा. वह शोर मचाने लगी. शोरगुल सुन ग्रामीण एकत्रित हुए और उस व्यक्ति को पकड़ लिया. महिला का कहना है कि उसके बाद वह बेहोश हो गई. जब उसे होश आया तो पता चला वह व्यक्ति पेड़ में बंधा हुआ है और उसकी मौत हो चुकी थी.
आया था किसी को फोन
मृतक की पहचान सरैयाहाट थाना क्षेत्र के बिरजू यादव के रूप में हुई. जानकारी मिलने पर परिजन तालझारी थाना पहुंचे तो उसे बताया गया कि शव दुमका भेज दिया गया. शव को आनन-फानन में दुमका भेजने को लेकर परिजनों ने सवाल खड़े किए. वहीं मृतक के बेटा का कहना है कि 3:00 बजे सुबह उसके पिताजी के मोबाइल पर कॉल आया और कॉल आने के बाद वह घर से निकले थे. सुबह उनकी हत्या की जानकारी मिली. कॉल किसने किया और बुलाने के पीछे की मंशा क्या रही होगी यह अनुसंधान का विषय है.
पुलिस वालों पर ग्रामीण ने किया पथराव
वहीं दूसरी घटना की बात करें तो शनिवार शाम शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सिमुलती गांव के पास ट्रक और बाइक की टक्कर हुई थी. जिसमें बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए थे. इलाज के लिए फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था जहां डॉक्टर ने एक महिला और एक पुरुष को मृत घोषित कर दिया. वहीं एक युवक का इलाज चल रहा था लेकिन देर रात उसकी भी मौत हो गई. सुबह होते होते तीनों की पहचान भी हो गई. मृतिका का नाम लूप्सी राणा और उसके पति का नाम विनोद राणा है जो शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के अंबा जोड़ा गांव का रहने वाला है. वहीं तीसरे युवक जिसकी देर रात मौत हुई उसकी पहचान लतबेदा निवासी बबलू सोरेन के रूप में हुई. बबलू सोरेन किसी काम से अंबा जोड़ा गांव गया था. उसके बाइक पर सवार होकर पति-पत्नी वापस लौट रहे थे और दुर्घटना के शिकार हो गए. घटना के बाद उत्तेजित लोगों ने ट्रक चालक और खलासी को बंधक बनाकर जमकर पीटा था. सूचना मिलने पर शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और चालक के साथ खलासी को भीड़ के चंगुल से मुक्त तो करा लिया, लेकिन घटनास्थल से उसे लेकर निकलने में पुलिस को 10 घंटे लग गए. ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया. देर रात स्थल पर हाई वोल्टेज ड्रामा होता रहा. सुबह 6:00 बजे हालात सामान्य हो पाया. सूत्रों की माने तो देर रात ग्रामीणों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया गया. जिसमें कुछ पुलिसकर्मी को चोटें भी आई है. लेकिन कोई भी खुलकर इस बाबत बोलने के लिए तैयार नहीं है.
बड़ा सवाल !
सवाल उठता है कि अमूमन शांत माने जाने वाला दुमका जिला अचानक इतना अशांत कैसे हो गया. लोगों को आखिर कानून का भय क्यों नहीं सता रहा है, जो लोग बार-बार कानून को अपने हाथ में ले लेते हैं. इस तरह की घटना पर अंकुश लगाना पुलिस प्रशासन के समक्ष गंभीर चुनौती बनते जा रही है.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
4+