दुमका:डॉ लुईस मरांडी की जीत के पीछे इस शख्स का है बड़ा योगदान, जिसने पर्दे के पीछे रहकर किया काम, पढ़ें कौन हैं डॉ विपुल मंडल

    दुमका:डॉ लुईस मरांडी की जीत के पीछे इस शख्स का है बड़ा योगदान, जिसने पर्दे के पीछे रहकर किया काम, पढ़ें कौन हैं डॉ विपुल मंडल

    दुमका(DUMKA):झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम सामने आ चुका है.तमाम राजनीतिक दल जीत हार की समीक्षा में जुट गई है.चुनाव जीतने में कुछ किरदार ऐसे होते है जो पर्दे के पीछे रहकर जीत के लिए मजबूत नींव का निर्माण करते है.आज हम आपको एक ऐसे ही किरदार के बारे में बतानेवाले है, जिन्होने जामा सीट से डॉ लुईस मरांडी को विधानसभा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.

    बीजेपी से जेएमएम खेमे में जाने के बावजूद इस वजह से लुईस मरांडी रहीं विजयी

    हम बात कर रहे हैं दुमका जिला के जामा विधान सभा सीट की. कांटे की टक्कर में झामुमो प्रत्याशी डॉ लुईस मरांडी भाजपा प्रत्याशी सुरेश मुर्मू को पराजित कर जामा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुई. डॉ लुईस मरांडी के लिए जामा विधानसभा क्षेत्र ना केवल नया था बल्कि पार्टी भी नई थी.इसके बाबजूद अगर जीत मिली तो निश्चित रूप से पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने वालों को भी इसका श्रेय जाएगा.

    पढ़ें कौन है डॉ विपुल मंडल

    पर्दे की पीछे रहकर रणनीति बनाने और उसको धरातल तक पहुंचाने में एक नाम है डॉ विपुल मंडल का भी शामिल है. जामा विधान सभा के रामगढ़ प्रखंड के रहने वाले डॉ विपुल शहर के जाने माने फिजियोथैरेपिस्ट है. इन्होंने अपने प्रखंड में जमकर मेहनत की जिसका नतीजा हुआ कि रामगढ़ प्रखंड से झामुमो को 4 हजार की बढ़त मिली.

    रिपोर्ट-पंचम झा



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