दुमका: कोल डंपिंग यार्ड से लोगों का जीवन हुआ दूभर, विरोध में उतरी महिलाएं


दुमका(DUMKA): दुमका रेलवे स्टेशन से शुरू किए गए कोल डंपिंग यार्ड का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. आज रसिकपुर की दर्जनों महिलाएं रेलवे स्टेशन परिसर स्थित कोल डंपिंग यार्ड पहुंची तथा कोल्ड डंपिंग यार्ड का जमकर विरोध किया. महिलाओं का कहना है कि डंपिंग यार्ड शुरू होने से एक तरफ जहां प्रदूषण बढ़ा है.
सड़कें भी बदहाल
वहीं दूसरी ओर सड़कें बदहाल हो गई है. सड़क पर कीचड़ जमे रहने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है. प्रदूषण का आलम यह है कि घर के अंदर भी कोयला का डस्ट प्रवेश कर जा रहा है. वहीं सड़क पर ट्रकों की आवाजाही इतनी बढ़ गई है कि लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लगता है. खासकर छोटे-छोटे बच्चे घरों में ही सिमट के रहते हैं. लोगों के मन में एक भय है कि सड़क पर निकलने के बाद कौन कब ट्रक की चपेट में आ जाए और और असमय काल काल्वित हो जाए, पता नहीं. महिलाओं ने दुमका रेलवे स्टेशन से संचालित कोल्ड डंपिंग यार्ड को दूसरे जगह स्थानांतरित करने की मांग सरकार से की है.
एक महीने पहले हुई डम्पिंग यार्ड की शुरुआत
हम आपको बता दें कि लगभग 1 महीने पहले दुमका रेलवे स्टेशन से कोल्ड डंपिंग यार्ड की शुरुआत की गई. पाकुड़ से कोयला सड़क मार्ग से दुमका रेलवे स्टेशन लाया जाता है जहां से गुड्स ट्रेन द्वारा अन्यत्र भेजा जाता है. कोल डंपिंग यार्ड का विरोध शुरु से ही रसिकपुर और आसपास के लोग करते आ रहे हैं. लोगों के विरोध के बावजूद इसे चालू कर दिया गया है.
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