दुमका : स्कूल की छत से गिरकर मासूम की मौत, आखिरकार बच्चों की सुरक्षा का जिम्मेवार कौन!


दुमका (DUMKA) : दुमका से एक छात्र के विद्यालय के छत से गिरने की खबर सामने आई है. घटना महुआ डंगाल स्थित प्लस टू पीजी स्कूल नामक विद्यालय की हैं. घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र को इलाज के लिए फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई. मृतक छात्र का नाम आर्यमन कुमार बताया जा रहा है. आर्यमन कुमार इस विद्यालय में दूसरी क्लास का छात्र था . घटना के कुछ दिन पहले ही 12 मार्च को उसके अभिभावक द्वारा उसे हॉस्टल पहुंचाया गया था.
हॉस्टल की बॉलकनी से गिरा छात्र
हॉस्टल बिल्डिंग के ऊपरी माले पर किचन बनाया गया है, जहां बच्चे लंच ब्रेक में खाना खाने जाया करते है. बाकी दिनों की तरह लंच के समय मृतक छात्र लंच करने विद्यालय के ऊपर बने किचन में गया था. हॉस्टल के अन्य छात्र भी किचेन में थे. अचानक बच्चा कब बॉलकनी में गया नीचे गिर गया किसी ने नहीं देखा. गिरने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग जब बाहर निकले तो मासूम को रोड पर तड़पते देखा. गंभीर स्थिति में उसे फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी
सुरक्षा का जिम्मेवार कौन
इस घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है. आए दिन गली मुहल्ले में निजी विद्यालय खुल रहा है. संचालक द्वारा विद्यालय के नियमों का कितना पालन हो रहा है इसकी जांच कभी नहीं होती. अपने बच्चे का कैरियर संवारने के चक्कर में अभिभावक भी बच्चों को रेजिडेंशियल विद्यालय में दाखिला करा देते हैN, लेकिन मासूम के लिए हॉस्टल की जिंदगी किसी जेल से कम नहीं है. इस घटना का वास्तविक कारण क्या है यह तो जांच के बाद ही स्पस्ट हो पायेगा. लेकिन इतना जरूर है कि छोटे-छोटे बच्चों को छात्रावास में रखने वाले विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा और भी ध्यान देना होगा.
रिपोर्ट: पंचम झा
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