बंगलादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर DSP की एंट्री कहा - अलग राज्य बना तो छोड़ देंगे नौकरी

    बंगलादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर  DSP की एंट्री कहा -  अलग राज्य बना तो छोड़ देंगे  नौकरी

    रांची(RANCHI):   झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा काफी बढ़ता जा रहा है.अब तक पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर दिख रहे है, वहीं इस विवाद के बीच एक डीएसपी की एंट्री हुई है , डीएसपी किशोर रजक ने फेसबुक वॉल पर सार्वजनिक तौर पर कुछ ऐसा लिख डाला कि अब ये वायरल हो रहा है ऐसे झारखंड राज्य सेवा के ये अधिकारी कई कारणों से पहले भी विवाद में रहे है.

    क्या है मामला

    राज्य में विपक्ष की भूमिका में भाजपा है और भाजपा इस मुद्दे पर जमकर सरकार को घेर रही है. झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र हो या फिर संसद का मानसून बजट सत्र दोनों ही जगह घुसपैठ का मामला गूंज रहा है. बात इतना बढ़ गई कि भाजपा अब अलग राज्य तक पहुंच गई. लेकिन इस बीच अब इस लड़ाई में झारखंड के एक डीएसपी भी कूद पड़े है. डीएसपी ने अलग राज्य की मांग को गलत बताते हुए कहा कि अलग राज्य बना  तो वह आंदोलन का रुख करेंगे.

    बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला चर्चा में 

    दरअसल झारखंड के संथाल परगना में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के बसने का दावा किया जा रहा है.इसके पीछे भाजपा राज्य सरकार की एक बड़ी साजिश बता रही है.साथ ही दावा किया जा रहा है कि वोट बैंक बनाने के लिए अब वोटर कार्ड और आधार उपलब्ध कराने का काम राज्य सरकार के लोग कर रहे है.यह मुद्दा अब केंद्र का भी मुद्दा बन गया है.साफ है कि झारखंड में चुनाव कुछ महीने के बाद है ऐसे में एक बड़ा मुद्दा भाजपा को हाथ लगा है.

    सोशल मीडिया पर डीएसपी का पोस्ट वायरल 

    अब तक इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के नेता आमने सामने एक दूसरे पर आरोप लगाते दिख रहे थे.सत्ता पक्ष हर बार दावा कर रही है कि राज्य को बदनाम करने की साजिश है.आदिवासी बेटियों का नाम लेकर एक गहरी साजिश की गई है.इन सब के बीच अब झारखंड के DSP किशोर कुमार रजक का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

    डीएसपी ने अपने फेसबुक एकाउंट पर अलग राज्य की मांग का विरोध किया है.उन्होंने कहा कि राज्य का गठन करना केंद्र के पास विशेष अधिकार है.लेकिन झारखंड एक लंबे आंदोलन के बाद मिला है. सैकड़ो कुर्बानी इस राज्य के गठन के लिए दी गई है.अगर अब फिर से राज्य को तोड़ कर अलग केंद्र शाषित प्रदेश बनने की दिशा में पहल होगी.तो नौकरी छोड़ कर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे.

    उन्होंने लिखा कि घुसपैठ का मुद्दा अहम है.लेकिन अब फिर राज्य से एक और राज्य बनाने का मुद्दा नहीं बनना चाहिए. बता दे कि झारखंड के संथाल परगना,बिहार के किशनगंज, अररिया, मालदा बंगाल के कुछ हिस्से को मिला कर एक अलग राज्य की मांग भाजपा से सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में उठाया है.उन्होंने सरकार से मांग किया है कि राज्य को बचाने के लिए यह एक पहल कारगार साबित होगी.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news