PALAMU:पलामू जिले के नावाबाजार प्रखंड में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) रेणू बाला ने प्रखंड प्रमुख के पति कुशनाथ दुबे पर मानसिक प्रताड़ना और सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप का गंभीर आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने पलामू डीसी और डीडीसी को लिखित शिकायत सौंपते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है. शिकायत पत्र पर प्रखंड कार्यालय के कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद बताए जा रहे हैं.
डीसी को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रमुख पति कुशनाथ दुबे अक्सर बिना किसी आधिकारिक आवश्यकता के प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं और घंटों कार्यालय में बैठे रहते हैं. साथ ही उन पर निजी मकान निर्माण के लिए सामग्री मांगने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत के अनुसार वे कर्मचारियों से बीडीओ की गतिविधियों और म्यूटेशन से जुड़े स्वीकृत एवं अस्वीकृत मामलों की जानकारी भी मांगते रहते हैं.
पत्र में यह भी कहा गया है कि कुशनाथ दुबे लगातार कर्मचारियों को फोन कर दबाव बनाते हैं और कई बार अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं. बीडीओ रेणू बाला ने आरोप लगाया कि उन्हें भी फोन कर अपमानजनक तरीके से बात की जाती है, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
डीडीसी को लिखे पत्र में बीडीओ ने यह भी उल्लेख किया है कि प्रखंड प्रमुख विद्या देवी प्रखंड क्षेत्र के बजाय डाल्टनगंज में रहती हैं और कार्यालय नहीं आतीं. ऐसे में जरूरी दस्तावेज कर्मचारियों के माध्यम से उनके घर भेजकर हस्ताक्षर करवाने पड़ते हैं. शिकायत में कहा गया है कि प्रमुख का अधिकांश कार्य उनके पति द्वारा संचालित किया जाता है.
इसके अलावा प्रमुख पति पर सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने, अंचल कार्यालय से पैसे की मांग करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. बीडीओ का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव के कारण उनका ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ गया है तथा भय का माहौल बना हुआ है. मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है.

