क्या कोई समझा, रांची की रैली में दो पत्नियों की यह  तस्वीर क्या दे गई सन्देश!

    क्या कोई समझा, रांची की रैली में दो पत्नियों की यह  तस्वीर क्या दे गई सन्देश!

    धनबाद(DHANBAD):रविवार को रांची रैली में दो पत्नियों की  तस्वीर क्या कुछ बोल रही थी.  क्या कुछ संकेत दे रही थी.  क्या कह रही थी की पतियों की गिरफ्तारी के बाद भी उनके हौसले नहीं टूटे है. वह न्याय की लड़ाई लड़ेगी. लोगों का ध्यान भी उनकी तस्वीर ने  अपनी ओर खूब  खींचा. रविवार को रांची में इंडिया गठबंधन की रैली हुई. रैली में तो सबने एनडीए  को हराने की अपील की लेकिन लोगों की नजर दो महिलाओं पर थी.  एक के पति तिहाड़ जेल में बंद है तो दूसरे के पति रांची जेल में बंद है. हेमंत सोरेन  गिरफ्तारी के पहले इस्तीफा दे दिया, इसलिए वह पूर्व मुख्यमंत्री हो गए. लेकिन अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया और वह अभी भी दिल्ली के मुख्यमंत्री बने हुए है. 

    और आक्रामक हो गई है कल्पना और सुनीता 
     
    अमूमन घर के मुखिया की गिरफ्तारी के बाद घर वाले हताश और निराश हो जाते है. लेकिन हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल गिरफ्तारी के बाद और अधिक आक्रामक हो गई है.  कल्पना सोरेन ने तो राजनीति में कदम रख दिया है.  गिरिडीह के गांडेय  विधानसभा से वह उपचुनाव लड़ेगी. फिलहाल वह झारखंड की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय दोख रही है.  रविवार की रैली में लोगों की निगाहें   दोनों महिलाओं की गतिविधियों पर थी. दोनों महिलाओं के पति को प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है.  भाषण में दोनों ने अपने पतियों को बेकसूर बताया और कहा कि भाजपा हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल से खौफ खाती है. इसलिए उन्हें फंसाया  गया है.
     
    दोनों महिलाओं ने मंच से अपने पतियों का संदेश  सुनाया 
      
    दोनों महिलाओं ने मंच से अपने पतियों का संदेश पढ़ा , कल्पना सोरेन ने हेमंत सोरेन का संदेश सुनाया तो सुनीता केजरीवाल जनता से जुड़ते हुए कहा कि वह अपने पति का संदेश लेकर आई है कि कैसे वह दिल्ली की जनता के खातिर लगातार चिंतित है. मंच पर दोनों में लगातार गुफ्तगू हो रही थी. कल्पना सोरेन शिबू सोरेन के साथ मंच पर पहुंची थी. मंच पर दोनों अगल-बगल बैठी थी. बीच-बीच में गुफ्तगू भी कर रही थी. यह अलग  बात है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद कल्पना सोरेन दिल्ली गई थी. उन्होंने सुनीता केजरीवाल से मुलाकात की और भरोसा दिया था कि झारखंड अरविंद केजरीवाल के साथ है. इसके बाद अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली में भी रैली हुई थी. उस रैली में भी कल्पना सोरेन  मौजूद थी. रविवार को रांची में रैली हुई तो सुनीता केजरीवाल भी पहुंची. जो भी हो लेकिन मंच पर दोनों महिलाओं की उपस्थिति लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 
     


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