ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह : रेल अधिकारी पहुंचे सिंह मेन्शन तो क्या हुआ,क्यों गुस्से में दिखे मेयर -विधायक

    मुंबई के लिए साप्ताहिक ट्रेन के उद्घाटन के लिए मेयर संजीव सिंह और उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह को रेलवे की ओर से निमंत्रण भेजा गया था.  लेकिन कार्यक्रम के कुछ घंटे पहले रेलवे अधिकारियों ने फोन कर और व्हाट्सएप संदेश भेजकर कार्यक्रम में आने से मना कर दिया।  यह बात तो तय है कि यह  कोई साधारण बात नहीं थी.  

    ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह : रेल अधिकारी पहुंचे सिंह मेन्शन तो क्या हुआ,क्यों गुस्से में  दिखे मेयर -विधायक

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद में मेयर चुनाव से शुरू हुआ "ब्लड प्रेशर" शब्द अब "लो ब्लड प्रेशर" के साथ वापस लौट आया है.  संजीव सिंह कह  रहे हैं कि "ब्लड प्रेशर" के डॉक्टर बाघमारा में भी हैं, धनबाद में भी अच्छे डॉक्टर हैं और दिल्ली एम्स में भी ख्याति प्राप्त चिकित्सक  हैं.  जिनका "ब्लड प्रेशर हाई अथवा लो  हुआ है, उन्हें अब इलाज करा  लेना चाहिए।  नाम तो वह किसी का नहीं ले रहे हैं ,लेकिन इशारा सांसद ढुल्लू महतो   की ओर है.  निगम चुनाव में भी ब्लड प्रेशर चेक कराने  की बात उठी थी.  किसका ब्लड प्रेशर बढ़ा है, इसकी जांच कराने  की भी चर्चा हुई थी.  इधर, सोमवार को धनबाद की राजनीति में एक "नई आग" लग गई है. आग  ऐसी लगी है जो बाहर से तो थमती दिख रही है, लेकिन भीतर ही भीतर यह  आग  धधक  रही है.  

    आइये -फिर नहीं आइये के फेर में फंस गए है रेल अधिकारी 

    दरअसल, रविवार को मुंबई के लिए साप्ताहिक ट्रेन के उद्घाटन के लिए मेयर संजीव सिंह और उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह को रेलवे की ओर से निमंत्रण भेजा गया था.  लेकिन कार्यक्रम के कुछ घंटे पहले रेलवे अधिकारियों ने फोन कर और व्हाट्सएप संदेश भेजकर कार्यक्रम में आने से मना कर दिया।  यह बात तो तय है कि यह  कोई साधारण बात नहीं थी.  क्योंकि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेयर को आमंत्रित कर मना कर देना , विधायक को आमंत्रित नहीं करना ,ऐसे  कोई भी चूक मानने  को तैयार नहीं है.  संजीव सिंह का आरोप है कि एक "चिल्लाने वाले" नेता के दबाव में यह सब किया गया है.  अगर मेरे नहीं जाने से उनका ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है, तो यह उनको मुबारक हो.  

    संजीव सिंह का नहीं ,सीधे जनता का अपमान किया गया 

    लेकिन यह भी जान लेना चाहिए कि जो भी प्रतिनिधि सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद होता है, वह जनता के वोट से जीता हुआ प्रतिनिधि होता है.  किसी भी प्रतिनिधि का अपमान करना जनता का अपमान होता है.  उन्हें कार्यक्रम में जाने से मना करना धनबाद की जनता का अपमान है.  बात सिर्फ कार्यक्रम में जाने से मना करने का ही नहीं है.  कार्यक्रम के घंटे भर पहले पोस्टर  भी हटा दिए गए.  उसे पोस्टर  में संजीव सिंह और रागिनी सिंह का फोटो  भी था और नाम भी थे.  इधर , सूचना मिली है कि रेलवे अधिकारियों ने आज सिंह मेंशन पहुंचकर खेद  प्रकट किया।  रेलवे के अधिकारियों ने संजीव सिंह और रागिनी सिंह से मुलाकात की.  रागिनी सिंह ने कहा कि इसके पहले भी रेलवे ने कई कार्यक्रम किये।  लेकिन उसमें आमंत्रण दिया गया था. वह गई  भी थीं.  संजीव सिंह ने कहा कि बंदे भारत के कार्यक्रम के समय न वह  विधायक थे, नहीं मेयर  थे, फिर भी उन्हें निमंत्रण भेजा गया था.  लेकिन इस बार मेयर रहते हुए अंतिम समय में उन्हें आने से मना कर दिया गया. 
     
    बाघमारा, धनबाद अथवा दिल्ली में क्यों इलाज की दी गई सलाह 

     सिंह मेन्शन  पहुंचे अधिकारियों को मेयर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को बुलाना, उनके नाम से प्रचार सामग्री लगाना और फिर अचानक आमंत्रण रद्द करना, केवल प्रशासनिक भूल नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों का सार्वजनिक अपमान है.  लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।  उन्होंने रेल अधिकारियों के समक्ष भी कहा कि कुछ लोग मेरी लोकप्रियता से घबरा गए हैं, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है और वह इस तरह का काम कर रहे है.  ऐसे लोगों को मेरी सलाह है कि  बाघमारा, धनबाद अथवा दिल्ली में अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज करा ले , जिससे कि उनकी परेशानी कम हो जाए.  यह  अलग बात है कि इस घटना से संजीव सिंह के समर्थक आहत हैं और रेल प्रशासन का पुतला दहन कार्यक्रम कई जगह किया गया है.  

    रेलवे के वरीय अधिकारी पहुंचे सिंह मेन्शन, क्या हुआ 

     जानकारी के अनुसार धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम और सीनियर डीओएम  सहित अन्य अधिकारी सिंह मेंशन पहुंचे थे.  अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इन सब बातों का ख्याल रखा जाएगा।  बता दें कि रविवार को रेलवे के इस कृत्य से एक नया बखेड़ा कोयलांचल में शुरू हो गया है.  भाजपा के लोग ही अगर भाजपा का विरोध करेंगे तो पार्टी का क्या होगा? इस बीच एक सूत्र ने बताया है कि इस पूरी घटना की शिकायत विधायक रागिनी सिंह ने ईमेल के जरिए केंद्रीय रेल मंत्री से की है.  बताया गया है कि झरिया विधायक रागिनी सिंह ने धनबाद रेलवे स्टेशन पर आयोजित लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (13379/80) के शुभारंभ कार्यक्रम में हुई प्रशासनिक लापरवाही को लेकर रेल मंत्री को औपचारिक शिकायत भेजी है.  उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है. विधायक रागिनी सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धनबाद स्टेशन पर आयोजित उक्त कार्यक्रम के लिए उन्हें पूर्व में विधिवत निमंत्रण भेजा गया था, जिसमें उनकी उपस्थिति अपेक्षित बताई गई थी. 
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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