ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह:किसके दबाव में बदला गया पहले का निर्णय,अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग!

    यदि कार्यक्रम में केवल सांसद एवं विधायक को ही आमंत्रित किया जाना था,तो झारिया की विधायक श्रीमती रागिनी सिंह का नाम क्यों हटाया गया

    ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह:किसके दबाव में बदला गया पहले का निर्णय,अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग!

    धनबाद (DHANBAD) :धनबाद जंक्शन पर धनबाद -लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रोटोकॉल का जो विवाद उठा है, वह बढ़ता ही जा रहा है.  यह अलग बात है कि रेल अधिकारियों ने सिंह मेंशन में जाकर मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह से मुलाकात की है, बावजूद सवाल किये  जा रहे हैं. मारवाड़ी महासभा के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा  अग्रवाल ने डीआरएम को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है.  उन्होंने कहा है कि दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धनबाद जंक्शन पर आयोजित गाड़ी संख्या 13379/13380 (धनबाद–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस) के उद्घाटन कार्यक्रम में जो घटनाक्रम सामने आया, वह न केवल प्रशासनिक विफलता, बल्कि एक पूर्वनियोजित साजिश का संकेत देता है. 

    सवाल -किसके दबाव में बदला गया बैनर ,क्यों हटाए गए नाम 

    तथ्य यह हैं कि  आमंत्रण पत्र पत्रांक सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26 दिनांक 03.04.2026 द्वारा महापौर  संजीव सिंह को आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात निरस्तीकरण पत्र: पत्रांक सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26-1 दिनांक 06.04.2026 द्वारा कार्यक्रम के दिन ही आमंत्रण निरस्त कर दिया गया,जिसमें उल्लेख किया गया कि केवल सांसद एवं विधायक ही उपस्थित होंगें। प्रारंभिक बैनर में सांसद ढुल्लू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा,झारिया विधायक रागिनी सिंह एवं महापौर संजीव सिंह का नाम अंकित था.  बाद में उक्त बैनर को परिवर्तन कर नया बैनर लगाया गया,जिसमें केवल सांसद ढुल्लू महतो एवं धनबाद विधायक राज सिन्हा का ही नाम रखा गया. 
     
     क्या आमंत्रित व्यक्तियों की सूची रेलवे बोर्ड/प्रशासन की किसी बैठक में तय की गई थी

    गंभीर विरोधाभास यह है कि यदि कार्यक्रम में केवल सांसद एवं विधायक को ही आमंत्रित किया जाना था,तो झारिया की विधायक श्रीमती रागिनी सिंह का नाम क्यों हटाया गया?निर्णय प्रक्रिया पर प्रश्न, यह उठता है कि क्या आमंत्रित व्यक्तियों की सूची रेलवे बोर्ड/प्रशासन की किसी बैठक में तय की गई थी? या यह निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर लिया गया और बाद में किसी दबाव में आकर उक्त निर्णय को बदला गया?उपरोक्त घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह एक सुनियोजित एवं लक्षित अपमान है,जिसे धनबाद नगर निगम के महापौर एवं झारिया की विधायक के विरुद्ध अंजाम दिया गया. अतः मेरी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोनों पत्र जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। 48 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी स्वयं मिलकर महापौर एवं विधायक से लिखित माफीनामा दें. अन्यथा,बाध्य होकर इस अपमान के विरोध में DRM कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा,जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी। 

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news