सामूहिक रूप से 15 अगस्त को आ'त्मदाह करने की रसोइयों ने क्यों दी चेतावनी, जानिये


रांची (RANCHI): धुर्वा में नए विधानसभा भवन के सामने का मैदान धरना प्वाइंट बन चुका है. झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया, संयोजिका, अध्यक्ष संघ की ओर से भी पांच दिनों से यहां धरना दिया जा रहा है. ये सरकार से न्यूनतम मजदूरी सहित 11 सूत्री मांगों को पूरा करवना चाहती हैं. इनका कहना है कि उनकी मांगे नहीं मांगी गई तो 15 अगस्त को सामूहिक रूप से आत्मदाह करे लेंगी.
धरना-प्रदर्शन की अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति, प्रदेश नेत्री व कोषाध्यक्ष अनीता देवी ने की. बतौर मुख्य वक्ता झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं केंद्रीय प्रवक्ता पुष्कर महतो उपस्थित थे. प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि राज्य भर से हटाए गए रसोईया संयोजिका को तत्काल राज्य सरकार वापस ले एवं न्यूनतम वेतन लागू करते हुए सभी रसोईया, संयोजिका, अध्यक्ष को स्थाई किया जाए. उन्होंने मांग की कि रसोईया संयोजक या अध्यक्ष को निशुल्क ₹5 लाख तक का बीमा एवं दो अंग वस्त्र मुहैया कराए जाएं. राज्य सरकार बच्चों को मध्यान्ह भोजन निजी कंपनियों को सौंपने के फैसले को वापस ले रसोईया संयोजिका एवं अध्यक्ष को ही विद्यालय का मध्यान्ह भोजन संपूर्ण रूप से जिम्मेवारी दे.
मौके पर नेत्री अनीता देवी ने कहा कि अगर सरकार कल्याणकारी भावना से कार्य करें ,एवं हमारी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करें अन्यथा राज्य के तमाम रसोईया,संयोजिका एवं अध्यक्ष संघ 6 तारीख यहां धरना 7 अगस्त से पश्चात अनिश्चितकालीन राजभवन के समक्ष अनशन करेंगे . इसके बावजूद भी हमारी मांगे नहीं मांगी गई तो 15 अगस्त को सामूहिक रूप से आत्मदाह करेंगे. मौके पर संघ की ओर से देवकी देवी, देवंती बारला, सुगनी उराव, आशा दत्ता, जीरा देवी, किरण देवी, माया देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी.
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