धनसार का चंदा विवाद : सांसद ने किया हस्तक्षेप तो चैम्बर सहित  अन्य आये बैकफुट पर 

    धनसार का चंदा विवाद : सांसद ने किया हस्तक्षेप तो चैम्बर सहित  अन्य आये बैकफुट पर 

    धनबाद(DHANBAD):  धनबाद के धनसार  में चंदा विवाद को लेकर हुई मारपीट, शिकायत, अधिकारियों से कार्रवाई करने की मांग को लेकर चल रहा विवाद लगभग खत्म हो गया है.  अब औपचारिकता भर रह गई है.  मुकदमा हो गया है, इसलिए अब दोनों पक्ष समझौता का पेपर थाने अथवा  न्यायालय में जमा करेंगे.  उसके बाद विवाद पूरी तरह से  खत्म हो जाएगा.  यह  अलग बात है कि इसके लिए सांसद पीएन  सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा.  रविवार को पोद्दार गेस्ट हाउस में माहौल थोड़ा बदला बदला था. सांसद  की  मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक होने वाली थी.  धनबाद जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सहित मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष को मौजूद रहना था.  उधर, सांसद  की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई थी.  बातचीत का दौर चला ,कुछ आगे बढ़ा लेकिन अंत में जाकर समझौता हो गया.   

    अब कोई पक्ष आगे विवाद नहीं बढ़ाएगा 

    अब इस विवाद को कोई पक्ष आगे नहीं लेकर जाएगा.  जिन लड़कों ने कारोबारी सुशील कुमार  पोद्दार की पिटाई की थी, वह लोग सांसद से  जुड़े बताए गए थे.  इसके बाद तो मारवाड़ी समाज एकजुट हो गया और सिटी एसपी के पास  पंहुचा.  फिर सिटी एसपी को आश्वासन देना पड़ा कि जल्द कार्रवाई होगी.  चंदा के नाम पर पिटाई करने वाले युवकों की खोजबीन में छापेमारी शुरू हुई.  इसके बाद पूजा समिति ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि  जो वीडियो वायरल किया जा रहा है , वह एक तरफा है.  उसमें छेड़छाड़ की गई है. बिहारी समाज को गालियां दी गई थी . तब विवाद बढ़ा ,  वह लोग चाहते हैं कि यह विवाद नहीं बढ़े , इसके लिए उन्होंने सुशील कुमार पोद्दार से भी मुलाकात की थी. 

    रविवार को मामले  ने एक और टर्न  ले लिया
     
    इस बीच रविवार को मामले  ने एक और टर्न  ले लिया.  पिटाई करने वाले फरार तीनों लड़कों की जानकारी लेने के लिए धनसार  पुलिस ने सांसद  के भतीजा अमरेंद्र  सिंह को थाना बुलवाया .  इसके बाद शहर में बात फैल गई कि अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.  उसके बाद उनके समर्थक धनसार - झरिया मुख्य सड़क को जाम कर दिए.  उसके बाद पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की कि  गिरफ्तारी नहीं हुई है.  बल्कि फरार  लड़कों  के बारे में जानकारी लेने के लिए उन्हें बुलाया गया है.  तब जाकर समर्थक शांत हुए और जाम हटा.  पुलिस को संदेह था कि तीनों लड़के अमरेंद्र  सिंह के नजदीकी और जानने वाले है.  जो भी हो, इसके बाद शाम होते- होते परिस्थितियां  बदल गई और समझौता हो गया.  हालांकि समझौता के बाद की बात कोई अधिकृत रूप से बोलने  को तैयार नहीं है.  लेकिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया है और अब शायद पुलिस कोई पीड़क  कार्रवाई नहीं करेगी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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