क्यों नीलामी पर चढ़ गया धनबाद का पहला थ्री स्टार होटल स्काईलार्क, जानें क्या है मामला

    क्यों नीलामी पर चढ़ गया धनबाद का पहला थ्री स्टार होटल स्काईलार्क, जानें क्या है मामला

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद का पहला थ्री स्टार होटल स्काईलार्क  नीलाम हो रहा है. नीलामी की प्रक्रिया ऑन लाइन शुरू है लेकिन बैंक अभी कुछ भी नहीं बता रहा है. पिछले दिनों  कर्ज नहीं चुकाने के कारण एसबीआई ने होटल को अपने कब्जे में कर लिया था. नीलामी में जो भी वित्तीय संस्था इस संपत्ति को खरीदेंगी  वह होटल चलाएंगी  या वहां कोई दूसरा कारोबार शुरू होगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है. आपको बता दें कि यह होटल धनबाद की शान था. बैंक मोड़ से झरिया जाने वाली सड़क पर बाई ओर यह  होटल खड़ा है.  

    होटल की हालत खान मालिकों की बिगड़ी हालातों को बताने के लिए काफी 

    यह  होटल निजी खान मालिकों की बिगड़ी हालातों को भी बताने के लिए काफी है.  होटल के मालिक ए एस जोहल कोयला  धनबाद आकर उद्योग से जुड़े लेकिन  कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद वह होटल व्यवसाय की ओर चले गए और बैंक मोड़ के प्रीमियम लोकेशन पर स्काईलार्क होटल का निर्माण कराया.  बताते हैं कि बिज़नेस के  कामों के लिए होटल पर 30 करोड़ से अधिक का लोन लिया गया था लेकिन  चुकता नहीं होने के कारण बैंक ने इसे कब्जे में लेकर नीलाम की प्रक्रिया शुरू की है.  यह होटल ए  एस  जोहल ने बनवाया था. ए  एस जोहल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दरबारा  सिंह के बेटे थे.  दरबार सिंह पंजाब में 1980 से लेकर 1983 तक मुख्यमंत्री रहे.  बाद में वे राजस्थान का राज्यपाल भी बने.  

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे का था यह होटल 

    उनके पुत्रों का धनबाद में अच्छा खासा व्यवसाय था.  एक समय में मारुति कार की एजेंसी ,अशोक लीलैंड की एजेंसी, शराब का थोक ठेका दरबार सिंह के पुत्रों के हाथ में थे.  स्काईलार्क होटल के बगल में ही मारुति की शोरूम थी.  रोड के दूसरे साइड में अशोक लीलैंड  की एजेंसी थी लेकिन समय के चक्र ने सब कुछ बदल दिया.  जोहल परिवार धनबाद में शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ था. ए  एस जोहल 25 वर्षों तक गुरु नानक कॉलेज के प्रधान भी रहे.  अभी हाल ही में उनका निधन हो गया.  स्काईलार्क होटल धनबाद के प्रीमियम लोकेशन में 32690 वर्ग फीट एरिया में बना हुआ है. होटल में रेस्टोरेंट ,बार की भी व्यवस्था है.  आगे देखना होगा कि इस होटल का भविष्य क्या होता है, नए खरीदार बिल्डिंग को ध्वस्त करते हैं अथवा बने भवन में ही दूसरा कोई कारोबार करते है.

    रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह 



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