DHANBAD: पांच नहीं, छह मजदूर बिजली से जल मरे हैं, धनबाद ही नहीं दिल्ली भी हिल गया

    DHANBAD: पांच नहीं, छह मजदूर बिजली से जल मरे हैं, धनबाद ही नहीं दिल्ली भी हिल गया

    धनबाद:  धनबाद- गोमो रेलखंड पर झारखोर के पास सोमवार को  पांच ठेका मजदूर नहीं बल्कि 6 मजदूरों की मौत हुई है.  इलाहाबाद, लातेहार और पलामू के इन मजदूरों को क्या मालूम था कि सोमवार का दिन उनकी जिंदगी का अंतिम दिन साबित होगा और यही हुआ. आग  से उनका शरीर बुरी तरह जल गए  है.  आग की चपेट में आने से शरीर टुकड़ों में भी  बट गए है.  इस घटना के बाद से धनबाद से लेकर दिल्ली तक की फोन की घंटियां घनघना  रही है.  घटना की जानकारी ली जा रही है.  रेलवे के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए है.   सोमवार की सुबह 11.30 बजे कार्य के दौरान रेलवे के 25 हज़ार वोल्ट करंट की चपेट में आकर रेलवे के 6 ठेका मजदूर की मौत हो गई.  यह  मजदूर लातेहार,पलामू व इलाहाबाद के है.  मृतको में गोविंद सिंह, श्यामदेव सिंह, सुरेश मिस्त्री, संजय राम व अन्य शामिल है. 

     घटना डाउन लाइन के फाटक संख्या 7 में पोल संख्या 283/16 के पास घटी

    घटना डाउन लाइन के फाटक संख्या 7 में पोल संख्या 283/16 के पास घटी है.  सूचना पर डीआरएम कमल किशोर सिन्हा सहित रेलवे के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया.  इस घटना के बाद रेलवे में अफरा-तफरी मची हुई है. घटना की सूचना पाकर रेलवे अधिकारी भागे भागे घटनास्थल पर पहुंचे .मेडिकल टीम भी पहुंच गई है. इस घटना के कारण रेल परिचालन बाधित हो गया है.ट्रेनों को जहां तहां रोक दिया गया है.मृतक ठेका कंपनी के अधीन काम करते थे और फिलहाल पोल गाड़ने  का काम चल रहा था. .रेलवे ने राहत कार्य शुरू कर दिया है. .इस घटना ने धनबाद से लेकर दिल्ली तक को हिला दिया है. धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों के फोन पर रेल मंत्रालय भी जानकारी ले रहा है.

    काम के दौरान सुरक्षा की अनदेखी सवालों के घेरे में 
     
    काम के दौरान सुरक्षा की अनदेखी की गई है. मजदूर पोल गाड़ने का काम कर ही रहे थे कि  ओवरहेड तार का पोल  उन पर गिर पड़ा और यह दुर्घटना हो गई.  रेलवे के जानकार बताते हैं कि ओवरहेड को बिना ब्लॉक किए आखिर काम क्यों कराया जा रहा था.  जानकार यह भी  बताते हैं कि ओवरहेड तार को टुकड़ों में भी ब्लॉक किया जा सकता है.  टुकड़ों में ब्लॉक कर भी रेलवे जरूरी कार्य करता है.  आखिर आज दुर्घटना के पहले इस तरह क्यों नहीं किया गया, इसको लेकर प्राइवेट ठेकेदार तो सवालों के घेरे में है ही, रेलवे का अभियंत्रण विभाग भी अपने को पाक साफ नहीं बता सकता है.  इस घटना से 6 मजदूरों की जान तो चली गई है लेकिन कई रेलवे अधिकारियों की गर्दन भी फसेंगी , इतना तो तय माना जा रहा है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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