Dhanbad: झरिया विधायक को क्यों लिखना पड़ा बड़े अधिकारियों को पत्र, पढ़िए विस्तार से 

    Dhanbad: झरिया विधायक को क्यों लिखना पड़ा बड़े अधिकारियों को पत्र, पढ़िए विस्तार से 

    धनबाद(DHANBAD)।  धनबाद की झरिया की हड्डियां बूढी हो गई है, लेकिन अभी भी यह झरिया, कोयलांचल की  ऊर्जा का स्रोत बनी हुई है.  रंगदारी यहां के चप्पे -चप्पे में समाया हुआ है. नवनिर्वाचित विधायक का पत्र भी इसकी पुष्टि करता है.   यह अलग बात है कि झरिया विधानसभा सीट सिंह मेंशन को वापस चली गई है.  झरिया से पूर्णिमा नीरज सिंह चुनाव हार गई है.  लेकिन झरिया की नवनिर्वाचित विधायक रागिनी सिंह के एक पत्र ने यह साबित कर दिया है, कि झरिया के कोयला कारोबारी बिना रंगदारी दिए कोई कारोबार नहीं कर सकते.  झरिया विधायक का आरोप  है कि कोयला कारोबारी और डीओ धारकों   से भयादोहन  किया जा रहा है.  कोयला उठाव  के लिए रंगदारी मांगी जा रही है.  यह कौन कर रहा है, इसका जिक्र तो पत्र में नहीं है, लेकिन यह जरूर कहा गया है कि कई कोयला कारोबारियों  ने इसकी शिकायत उनसे की है. 

    कोयला का कारोबार करने वालों ने की है शिकायत 
     
    उन्ही  शिकायतों के आधार पर  उन्होंने झारखंड के बड़े  अधिकारियों को पत्र लिखा है और कार्रवाई की मांग की है.  इसकी शिकायत उन्होंने मुख्य सचिव से भी की है.  डीजीपी को भी बताया है.  इसके अलावा डीसी, एसएसपी एवं बीसीसीएल के लोदना   महाप्रबंधक को भी पत्र लिखा है.  विधायक ने अधिकारियों को यह पत्र कुछ डीओ  होल्डरो  से मिली शिकायत के आधार पर लिखा  है.  उन्होंने कहा है कि कोयला कारोबारी एवं डीओ धारकों  से असामाजिक तत्व भयादोहन  कर रहे है.  कोयला उठाव  के लिए रंगदारी मांग रहे है.  कई कोयला कारोबारियो  ने इस संबंध में आवेदन दिया है.  विधायक ने मुख्य सचिव और डीजीपी से आग्रह किया है कि इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.  यह  गंभीर विषय है.  वैसे झरिया का माहौल अभी भी गरम है.

    कुजामा  में लोडिंग पॉइंट पर   हुआ था टकराव

      कुछ दिन पहले लोदना  एरिया के कुजामा  में लोडिंग पॉइंट पर टकराव  हुआ था.  कई राउंड फायरिंग भी हुई.  कुजामा  लोडिंग पॉइंट पर विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थक आपस में टकरा गए थे.  कई राउंड फायरिंग हुई थी.  कई थानों की पुलिस पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया.  उसके बाद से माहौल तनावपूर्ण  बना हुआ है.  यह अलग बात है कि पत्र में विधायक रागिनी सिंह ने किसी का नाम नहीं लिया है. लेकिन इस पत्र ने तो यह साबित कर ही दिया है कि झरिया में रंगदारी का खेल पहले भी चल रहा था और अब भी चल रहा है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   


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