DHANBAD: जी का जंजाल बना रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट, निगम सुनता नहीं, उपभोक्ता पीट रहे कपार 

    DHANBAD: जी का जंजाल बना रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट, निगम सुनता नहीं, उपभोक्ता पीट रहे कपार

    धनबाद(DHANBAD): तरह-तरह के टैक्स को लेकर धनबाद नगर निगम हमेशा चर्चे में रहता है. एक बार फिर रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर निगम उपभोक्ताओं के निशाने पर है.लोग परेशान हैं लेकिन निगम राहत नहीं दे रहा है.घर या मकान में यदि रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट नहीं बना है ,पिट है लेकिन निगम उसे नियम के अनुसार नहीं मान रहा है, तब होल्डिंग टैक्स का डेढ़ गुना जुर्माना देना होगा. जुर्माने की राशि का निर्धारण सरकार द्वारा नगर पालिका एक्ट में किया गया है. अगर आपका होल्डिंग टैक्स हर साल₹1500 आता है और घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है तो आपको होल्डिंग टैक्स के अलावे 18 सौ रुपए जुर्माना देना होगा. लोगों का कहना है कि घरों और अपार्टमेंट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार किया गया है या नहीं ,इसकी जांच नगर निगम ने कभी गंभीरता से नहीं की. न हीं कोई अभियान चलाया. अब लोगों को होल्डिंग टैक्स के साथ जुर्माने का नोटिस भेजा जा रहा है.  परेशान लोग आवेदन देकर जांच की मांग भी कर रहे हैं, लेकिन निगम के अधिकारी जांच में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. यह भी आरोप है कि निगम आम लोगों को बेवजह परेशान कर रहा है.

    मकान, अपार्टमेंट के निर्माण के समय ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट की जांच की गई होती तो आज आम जनों को परेशान नहीं होना पड़ता. निगम समय पर जांच नहीं की और अब होल्डिंग टैक्स में जुर्माना जोड़कर भेजा जा रहा है. रेन वाटर हार्वेस्टिंग नियम को सरकार ने वर्ष 2017 में लागू किया है.  जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र के करीब 8000 लोगों को नोटिस भेजा गया है. इनमें अधिकांश अपार्टमेंट में रहते हैं. उनके अपार्टमेंट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तो है लेकिन निगम के अनुसार या बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार नहीं बने है.

    इधर नोटिस भेजने का असर निगम के राजस्व पर भी पड़ रहा है. जिन पर जुर्माना लगा है, उन्होंने होल्डिंग टैक्स देना बंद कर दिया है. लोगों का यह भी आरोप है कि आवेदन देकर हार्वेस्टिंग पिट की जांच कर जुर्माना हटाने की अपील भी की गई है, लेकिन निगम इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. दूसरी ओर निगम का कहना है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट की शिकायत मिलने पर टीम भेज कर जांच कराई जाती है. अगर निगम के अनुसार पिट बनाया गया है तो जुर्माने को माफ कर दिया जाता है. दर्जनों लोगों का जुर्माना हटाया गया है.

    रिपोर्ट : धनबाद ब्यूरो 


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