Dhanbad Road Accident: बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से उबल रही रेल नगरी गोमो,मौत की चाबी नाबालिकों को क्यों ?

    Dhanbad Road Accident: बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से उबल रही रेल नगरी गोमो,मौत की चाबी नाबालिकों को क्यों ?

    धनबाद(DHANBAD) :  बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से रेल नगरी गोमो उबल रही है. आक्रोश चरम पर है.  बच्चे हो या बुजुर्ग, महिला हो या पुरुष, सबकी आंखों में आंसू छलक रहे हैं तो उनके मन में भारी गुस्सा भी है.   बच्चे कह रहे हैं कि इशिता  और जिया की आत्मा करें पुकार, जिला प्रशासन करें सुधार.   बुधवार को गोमो रेल नगरी के लोग सड़क पर उतरे.  कैंडल  मार्च निकाल  कर  विरोध किया.  वैसे अभिभावकों से मांग की कि नाबालिक लोगों को मौत की चाबी देना बंद करे.  सगी बहनों के  हत्यारे को कठोर सजा मिलनी चाहिए.  यह कैंडल मार्च गांधी चौक से निकालकर रेलवे स्टेशन तक गया.  इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई. 

    पूरी रेल नगरी हो गई है विचलित

     कैंडल मार्च में शामिल लोग इशिता और जिया की तस्वीर हाथ में लिए हुए थे.  रेल नगरी गोमो इस घटना से पूरी तरह से विचलित हो गई है.   घटना के दिन और उसके बाद   बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से लोगों का कलेजा फट रहा है .  आंसुओं का सैलाब उमड़  रहा है. .  पिता कंधे पर बेटियों की अर्थी  लेकर रो रहे थे.  कह रहे थे कि माफ करना बेटियां, हम तुम लोगों को बचा नहीं सके.  धनबाद के 8 लेन  सड़क पर अशर्फी अस्पताल के निकट सोमवार को हुई सड़क दुर्घटना में दो सगी बहनों की मौत हो गई थी.  बच्चियों का शव जब गोमो सुभाष नगर लाया गया तो कोहराम मच गया.  सोमवार की पूरी रात लोग शव  के पास जम रहे.  

    स्टंट करने और रील  बनाने के चक्कर में हुई थी दुर्घटना 

    पूरी गोमो रेल नगरी में मातम पसर गया था.  पिता जय होरो  अपनी बेटियों की लाश कंधे पर लेकर जैसे ही निकलने लगे, मां शवों  से लिपटकर दहाड़ मार कर रोने लगी.  मां बार-बार चिल्ला रही थी, बेटा मुझे छोड़कर कहां जा रही हो.  तुम्हारे बिना हम जी नहीं पाएंगे.  छोटा भाई  अपनी बहनों की लाश  को देखकर कांप  पर रहा था. यह दृश्य ऐसा था ,जो पत्थर दिल को भी पिघला रहा था.  पिता बेटियों की लाश को कंधे पर उठाकर  रो रहे थे.  कहते  जा रहे थे कि बेटियां मेरी गलती को माफ कर देना.  तेरा पापा तुझको बचा  नहीं पाया.  गोमो से मृत बच्चियों की सहेलियां भी पहुंची और वह भी हो रही थी.  शव  यात्रा जहां-जहां से गुजर रही थी, लोगों की  आंखों में आंसू छलक जा रहे थे. सोमवार की दोपहर 8 लेन  सड़क पर अशर्फी अस्पताल के पास बड़े बाप के बिगडै़ल बेटों ने स्टंट करने और रील  बनाने के चक्कर में दूसरे लेन में जाकर स्कूटी पर सवार दोनों बच्चियों को रौंद  दिया था. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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