धनबाद की राजनीति: सिंह मेन्शन ,रघुकुल और पृथ्वी निवास -सूर्यदेव बाबू के लोग आखिर किधर जाएंगे?


धनबाद(DHANBAD) | कोयलांचल के "किंग" रहे सूर्यदेव सिंह के समर्थक असमंजस में आते रहे है. फिर एक बार वही स्थिति बनने जा रही है. वैसे, तो जब भी कोई चुनाव होता है, उनमें असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. फिर वही स्थिति सामने आ गई है. निगम चुनाव को लेकर फिर समर्थकों में बड़ा असमंजस है. सिंह मेंशन की तरफ रहें , रघुकुल का समर्थन करें या फिर पृथ्वी निवास का. पहले तो सभी एक ही थे, लेकिन समय के साथ स्थितियां बदलती गई और सूर्यदेव बाबू का परिवार अलग-अलग खेमे में बंटता चला गया. सूर्यदेव सिंह का परिवार सिंह मेंशन और कुंती निवास में रहता है, तो उनके दिवंगत भाई राजन सिंह का परिवार रघुकुल में रहता है. रामधीर सिंह का परिवार पृथ्वी निवास में निवास करता है. दिवंगत बच्चा बाबू तो पहले से ही अलग सूर्यदेव निवास में रहते थे. अब इस बार फिर निगम चुनाव होने जा रहा है. चर्चा के मुताबिक झरिया के पूर्व विधायक और सूर्यदेव सिंह के बेटे संजीव सिंह भी मेयर पद के लिए नामांकन कर सकते हैं. .
धनबाद की प्रथम मेयर इंदु देवी ने तो नामांकन भी कर दिया
रामधीर सिंह की पत्नी और धनबाद की प्रथम मेयर इंदु देवी ने तो नामांकन भी कर दिया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इंदु देवी के नामांकन के बाद रघुकुल से कोई उम्मीदवार निगम चुनाव में खड़ा नहीं होगा। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में रघुकुल और पृथ्वी निवास एक साथ आ गए और झरिया विधानसभा चुनाव में पूर्णिमा नीरज सिंह के साथ हो गया था. यह अलग बात है कि झरिया विधानसभा चुनाव में पूर्णिमा नीरज सिंह को हार मिली और संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह विधायक चुन ली गई. अब निगम चुनाव में भी सिंह मेंशन और पृथ्वी निवास में आमने-सामने की चुनावी राजनीति होती दिखाई दे रही है. ऐसे में फिर एक बार सूर्यदेव सिंह के समर्थकों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. यह अलग बात है कि संजीव सिंह हो, पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह हो अथवा रामधीर सिंह की बहू आसनी सिंह हो , सभी अपने समर्थकों की फौज खड़ी कर ली है.
सबों के समर्थक तो हैं ,लेकिन समय के साथ बदलते रहते हैं -
यह अलग बात है कि यह समर्थक भी कभी-कभी बदलते रहते हैं, फिर भी तीनों के पास समर्थकों की अच्छी खासी फौज है. खास बात यह है कि सिंह मेंशन का भी अपना अलग मजदूर यूनियन चलता है, तो रघुकुल का भी अपना मजदूर संगठन है और पृथ्वी निवास भी मजदूर संगठन चलता है. एक तरह से कहा जाए तो सूर्यदेव सिंह द्वारा स्थापित जनता मजदूर संघ अब तीन टुकड़ों में बंट गया है. चौथे टुकड़े का भी नाम गिना जा सकता है. क्योंकि कुछ साल पहले जनता श्रमिक संघ के नाम से भी एक संगठन बना था और कहा जाता है कि पीछे से इस संगठन का संचालन भी संजीव सिंह और उनकी पत्नी रागिनी सिंह ही करते है. लेकिन संजीव सिंह के जेल से बाहर आने के बाद वह संगठन ढीला पड़ गया है और जनता मजदूर संघ (कुंती गुट ) को ही पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है.
जेल से निकलने के बाद संजीव सिंह काफी आक्रामक तेवर में हैं-
इधर, जेल से निकलने के बाद संजीव सिंह काफी आक्रामक तेवर में दिख रहे है. फिर एक बार से आक्रामक राजनीति की शुरुआत कर दी है. अभी हाल ही में लोदना आउटसोर्सिंग विवाद में उनका रुख बहुत कड़ा था. खैर, अब सिंह मेंशन परिवार सिर्फ कोयलांचल ही नहीं, बल्कि इस्पातांचल में भी दखल देने की तैयारी में है. जमशेदपुर के मानगो नगर निगम से सूर्यदेव बाबू की बेटी चुनाव लड़ने जा रही है. उनके सपोर्ट में सिंह मेंशन के लोग जमशेदपुर भी गए थे. देखना दिलचस्प होगा कि राजनीति अब किधर और कैसे घुमने जा रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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