धनबाद(DHANBAD): वासेपुर का कुख्यात फहीम खान फिलहाल आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है. कुछ साल पहले जब वह अपने बच्चों की शादी में पैरोल पर धनबाद आया था, तो कहा था कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं. . उसका इशारा प्रिंस खान की ओर था. फिलहाल धनबाद पुलिस ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्रवाई कर प्रिंस खान गैंग की कमर तोड़ दी है और यह साबित कर दिया है कि सच में कानून के हाथ लंबे होते हैं. धनबाद पुलिस के एक्शन से प्रिंस खान गैंग पूरी तरह से कमजोर पड़ गया है.
सैफी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि
प्रिंस खान गैंग के "थिंक टैंक" सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को गिरफ्तार कर धनबाद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. इसके साथ ही 2018 से लेकर 2026 तक प्रिंस खान के सभी क्राइम गतिविधियों की जानकारी धनबाद पुलिस को मिल गई है . सूत्र बता रहे हैं कि 100 से अधिक बैंक खातों की जांच चल रही है . प्रिंस खान गिरोह को मदद करने वाले लोगों की भी पहचान लगभग कर ली गई है. पुलिस उसका सत्यापन कर रही है. अब धनबाद पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करेगी। बुधवार को धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने सैफी से पूछताछ में मिली जानकारी को मीडिया के साथ साझा किया।
सैफी ने पुलिस को बतया कि वह क्यों गैंग से अलग हुआ
सैफी ने यह भी बताया कि वह क्यों प्रिंस खान गैंग से अलग हो गया. एसएससी प्रभात कुमार ने बताया कि सैफी ने पुलिस को बताया है कि प्रिंस खान का पूरा कुनबा अनपढ़ है. तकनीकी मदद वह करता था. बदले में उसे सही हिस्सेदारी नहीं मिल रही थी. प्रिंस खान अपने साथ उसे पाकिस्तान चलने को कहा था लेकिन वह इस पर वह तैयार नहीं हुआ और पिछले साल वह गैंग से अलग हो गया. एसएसपी ने बताया की प्रिंस खान अपने पुरानी नौकरानी की मदद से पाकिस्तान भागा है. सैफी ने पुलिस को बताया कि नौकरानी पाकिस्तान की ही है . फिलहाल वह यानी प्रिंस खान अपनी नौकरानी के घर पर ही छुप कर रहा है. आतंकी संगठन से भी उसके संबंध की चर्चा है. प्रिंस खान की दोनों पत्नियां , उसका बड़ा भाई गोपी खान और गोपी खान का साला अरशद उर्फ़ रितिक अभी अजमान में हैं.
प्रिंस खान अब नशे का आदी हो चुका है
प्रिंस खान ने अपने रिश्तेदार आदिल को गिरोह में सैफी की जगह दे दी है. सैफी ने बताया कि प्रिंस खान नशे का आदी हो चुका है. वह पूरी तरह से बदहवास होने तक नशा करता है. सैफी ने पुलिस को बताया कि पहले प्रिंस खान को रंगदारी के रूप में डेढ़ करोड़ रुपए प्रति महीने मिलते थे, लेकिन पुलिस एक्शन से रंगदारी घट गई. हवाला, अकाउंट ट्रांसफर ,बिटकॉइन और एटीएम में कैश डिपॉजिट के माध्यम से पैसे पहुंचते थे. वह इन पैसों को बिल्डिंग एवं जमीन कारोबार में निवेश किया है. कोलकाता में रेस्टोरेंट के संचालन की भी जानकारी है. जानकारी के अनुसार बुधवार को सैफी को आसनसोल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. कोर्ट के आदेश पर उसकी हैंडराइटिंग के सैंपल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।

