DHANBAD: एक तरफ बूंद -बूंद पानी का संकट, दूसरी ओर योजनाओं की कछुआ चाल

    DHANBAD: एक तरफ बूंद -बूंद पानी का संकट, दूसरी ओर योजनाओं की कछुआ चाल

    धनबाद(DHANBAD) : गर्मी ने तो अभी दस्तक ही दिया है.  लेकिन गर्मी के दस्तक के पहले से ही धनबाद कोयलांचल  बूंद -बूंद पानी को तरस रहा है.  झरिया के तो कई ऐसे  इलाके हैं ,जहां कई दिनों से जलापूर्ति नहीं हुई है.  यह कोई इस बार की गर्मी का हाल  नहीं है.  365 दिन कोयलांचल के लोगों को पानी संकट झेलना पड़ता है.  शहरी इलाकों का भी बहुत सही हाल  नहीं है.  अभी तो धनबाद शहर में एक बार ही जलापूर्ति होती है और लोग पानी  स्टॉक कर काम चला रहे है.  लेकिन इसके साथ ही सरकारी, जो योजनाएं चल रही है.  उनमें तेजी लाने, लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने की योजना को तेज करने की मांग उठ रही है. ज़िले भर में   पानी के लिए हाहाकार मच गया है. केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना धनबाद जिला में पेयजल व स्वच्छता विभाग, खनन क्षेत्र विकास प्राधिकार, धनबाद नगर निगम एवं जुडको द्वारा "हर घर नल से जल" उपलब्ध कराने के कार्य में शिथिलता बरती जा रही है.

    सरकार की योजना का लाभ आमजन तक नहीं 

     सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार राही ने कहा कि ज़िले  में विभिन्न एजेंसियों को मैथन डैम, पंचेत डैम, दामोदर नदी, जमुनिया डैम व बराकर नदी से पाइप बिछाकर हर वंचित घर तक पेयजल उपलब्ध कराने का कार्यादेश दिया गया है. तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी पेयजल की समस्या से आमजनों को लाभ नहीं मिल रहा है. समय सीमा में योजनाओं के पूर्ण नहीं होने से लागत भी बढ़ रही है. निरसा, गोबिंदपुर  ग्रामीण जलापूर्ति योजना की लागत डेढ़ गुणा बढ़ गयी है.इतना ही नही, पाइप बिछाने के कार्य में भी अनियमितता बरती जा रही है. पाइप बिछाने के लिए प्राक्कलन में निर्धारित खुदाई से आधी भी खुदाई नहीं की गयी है. राज्य सरकार का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग  कंपनी  पर मेहरबान है.  जिस एजेंसी को वर्ष 2016 में कार्य आवंटित किया गया और वह कार्य 2018 में पूर्ण करना था, परंतु कार्य आज तक पूर्ण नहीं हुआ है. आरोप लगाया गया है कि इस एजेंसी को एक नया कार्य आवंटित कर दिया गया.  धनबाद ज़िले में   2853 करोड रुपये का कार्य हर घर नल से जल के तहत पेयजल मुहैया कराने का कार्य है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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