DHANBAD: अब शहरी जलापूर्ति योजना की पूरी जिम्मेवारी निगम की होगी, लेकिन कैसे पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    DHANBAD: अब शहरी जलापूर्ति योजना की पूरी जिम्मेवारी निगम की होगी, लेकिन कैसे पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद में  पानी का कनेक्शन देने का अधिकार किसी के पास और जलापूर्ति व्यवस्था देखने का काम किसी दूसरे विभाग के पास है. लेकिन  अब ऐसा नहीं होगा.  धनबाद में शहरी जलापूर्ति व्यवस्था अब निगम के हवाले  पूरी तरह से  होगी.  दो विभागों के बीच अब फेंकाफेंकीं  का खेल नहीं चलेगा.  धनबाद शहर में पानी कनेक्शन निगम देता था, तो जलापूर्ति की व्यवस्था पीएचई डी  के पास थी.  नगर विकास विभाग के सचिव ने निर्देश जारी कर कहा है कि अब पानी कनेक्शन से लेकर सप्लाई का जिम्मा धनबाद नगर निगम के पास ही रहेगा.   

    नगर विकास  विभाग के सचिव ने दिया है आदेश 

    चार दिन पहले नगर विकास  विभाग के सचिव ने राज्य के सभी नगर निकाय के प्रमुख के साथ बैठक की और निर्देश दिया कि जिन शहरों में जलापूर्ति व्यवस्था निगम के हाथों में नहीं है , उसे जल्द टेकओवर किया जाए.  धनबाद नगर निगम को पीएच ई डी से जलापूर्ति व्यवस्था हैंडोवर लेने का निर्देश दिया गया है. नगर निगम को कहा गया है कि पीएच ई डी की परिसंपत्तियों का आकलन कर उसकी सूची तैयार करे.  साथ ही सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, इंटकवेल ,पाइप  लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन की स्थिति पर भी निगम को रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. अब तक  दो विभागों के बीच फेंका फेंकी  चलती थी.  लोग पानी कनेक्शन निगम से लेते हैं लेकिन पानी नहीं चलने पर उन्हें पीएच ई डी में शिकायत करने को कहा जाता था. 

    उपभोक्ताओं को मिलेगी सहूलियत 

     इसको लेकर कई बार उपभोक्ता नाराज होते थे.  अब मेंटेनेंस और डिस्ट्रीब्यूशन निगम के हाथ में आ जाने  से निगम ही उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करेगा.  बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले सभी प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर सारी जलापूर्ति व्यवस्था नगर निकायों को सौंपने का निर्देश दिया था.  इस आदेश के बाद सरकार ने 8 शहरी  जलापूर्ति योजना का सेटअप शहरी निकायों को हैंडोवर कर दिया.  जिनमे  गिरिडीह, दुमका, देवघर, आदित्यपुर, हजारीबाग, चाईबासा और चास जलापूर्ति  योजना शामिल है.  बाकी नगर निकायों को अब ट्रांसफर करने की तैयारी है. यह  अलग बात है कि लगातार इस बात की शिकायत हो रही थी कि दो विभागों के बीच फेका फेकी के कारण उपभोक्ता परेशान होते है.  पानी का टैक्स निगम लेता था, कनेक्शन भी निगम ही देता था लेकिन जलापूर्ति की व्यवस्था पीएच ई डी विभाग के हाथों में थी. 


    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो