Dhanbad Nigam Chunaw :"गाछे कठहर, ओठे तेल" वाली कहावत क्यों रही चरितार्थ, मेयर बनने वालो की सूची कैसे है लम्बी

    Dhanbad Nigam Chunaw :"गाछे कठहर, ओठे तेल" वाली कहावत क्यों रही चरितार्थ, मेयर बनने वालो की सूची कैसे है लम्बी

    धनबाद(DHANBAD):  "गाछे  कठहर,ओठे तेल" वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी.  धनबाद में निगम चुनाव को लेकर यह कहावत पूरी तरह से  लागू हो रही है.  चुनाव आयोग अभी तक झारखंड में निकाय चुनाव की तिथि की घोषणा नहीं की है.  अधिकृत रूप से यह भी घोषित नहीं हुआ है कि धनबाद का मेयर पद सामान्य होगा या आरक्षित होगा.  बावजूद प्रत्याशियों की सक्रियता तेज हो गई है.  संवाददाता सम्मेलन का दौर जारी है, बैठकें  चल रही है.  उम्मीदवार खुद को मेयर प्रत्याशी बता रहे है.  ऐसे प्रत्याशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.  यह  अलग बात है कि झारखंड हाईकोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई हुई और झारखंड हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को 24 नवंबर तक निकाय चुनाव की तिथि बताने को कहा है.  हो सकता है कि चुनाव आयोग 24 नवंबर को हाई कोर्ट में तिथि बता दे, लेकिन इसके पहले ही सक्रियता तेज हो गई है. 

    हर संगठन और दमदार लोग लग गए है चुनाव की तैयारी में 
     
    हर संगठन के लोग चुनाव लड़ने को तैयारी में जुट गए है.  रविवार को झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह से भी जब संवाददाताओं ने यह सवाल किया तो उन्होंने चुनाव लड़ने की बात को न स्वीकार की और नहीं इससे  इनकार किया.  इसके अलावे भी प्रत्याशी गुणा- भाग कर रहे है.  चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है.  धनबाद में अभी सबसे अधिक चर्चा नगर निगम  चुनाव की हो रही है.  सारे संभावित उम्मीदवार वोटरों के मन टटोल रहे है.  सोशल मीडिया पर कई सोए चुनाव लड़ने वाले जाग गए है.  कोई पूछ रहा है कि चुनाव लड़ना कितना सही होगा? यह  अलग बात है कि धनबाद सहित पूरे झारखंड में निकाय चुनाव की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही है.  

    निकाय चुनाव वैलेट  पेपर से ही होगा,2010 में धनबाद में पहली बार चुनाव हुआ था 

    यह बात भी तय  है कि निकाय चुनाव वैलेट  पेपर से ही होगा.  एक वोटर को दो मत पत्र मिलेंगे.  मेयर, नगर परिषद अध्यक्ष और नगर पंचायतअध्यक्षों के लिए हल्का गुलाबी मतपत्र होगा, जबकि वार्ड सदस्यों के लिए सफेद मत पत्र होंगे.  दो अलग-अलग  बॉक्स में यह मत पत्र डालने होंगे.   धनबाद में 2006 में नगर निगम का गठन हुआ था.  2010 में पहली बार निगम का चुनाव हुआ ,जिसमें इंदु देवी मेयर चुनी गई.  उस समय यह  सीट  महिलाओं के लिए आरक्षित था.  उसके बाद 2015 में चुनाव हुआ, जिस समय चंद्र शेखर अग्रवाल मेयर चुने गए.  उस समय यह सीट ओबीसी के लिए आरक्षित था. उस वक्त कुल 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. 

    किनको कितना मत मिले थे ,उसका डिटेल्स कुछ ऐसा था ---

    1- अवधेश कुमार -24598,2 -उत्पल कुमार मोदी -9712,3 -कुणाल सिंह- 8185,4 -गणपत महतो -11501,5 -गणेश कुमार गुप्ता -10849,6 -चन्द्र शेखर अग्रवाल -93136,7 -दिनेश कुमार महतो- 25939,8 -दीना नाथ ठाकुर -8676,9 - प्रदीप कुमार संथालिया- 6258,10- प्रहलाद साव -6391,11- भृगु नाथ भगत 9367,12 -मणिलाल महतो -5875,13- मेघनाथ रवानी -6313,14- रजनीश कुमार- 6432,15- रवीन्द्र कुमार वर्मा -6666,16 -राज कुमार अग्रवाल -29081,
    17- रामचंद्र रवानी -4633,18 -शमसेर आलम अंसारी- 50611,19 -सदानन्द महतो- 35593,20 -सन्तोष कुमार महतो- 15367,21- संतोष कुमार साव -4501,22 -सुरेश प्रसाद यादव- 5351,23 -सुशील कुमार सिंह -13293,24 -नोटा -7755


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