धनबाद नगर निगम ही शहर की सुंदरता को कर रहा खराब, जानिए कैसे


धनबाद(DHANBAD) : यूनीपोल धनबाद शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं. जिधर, देखिए उधर ही होर्डिंग्स टंगे मिल जाएंगे. शहर के प्रमुख इलाकों में तो इसकी भरमार है. पता नहीं ऐसा क्यों किया जा रहा है. हाल के दिनों में शहर को सुंदर बनाने के लिए निगम ने कुछ अच्छे काम किए हैं, लेकिन अब निगम के हाथों ही शहर की खूबसूरती मारी जा रही है. आखिर निगम प्रबंधन अपने हाथों से बनाई गई सुंदरता को क्यों नष्ट कर रहा है. यह एक बड़ा सवाल बनकर हवा में तैर रहा है. शहर में कहीं 20 मीटर तो कहीं 30 मीटर की दूरी पर यूनीपोल खड़े किए जा रहे हैं.
8 किलोमीटर में है धनबाद शहर
धनबाद शहर का दायरा 8 किलोमीटर माना जाता है और 8 किलोमीटर में लगभग सवा सौ यूनीपोल खड़े कर दिए गए हैं. राजस्व बढ़ाने का हवाला देकर निगम ने यूनीपोल लगाने की अनुमति तो दी है, लेकिन इससे शहर की सूरत पर क्या असर पड़ रहा है, इसका आकलन नहीं किया गया है. दुर्गा पूजा तो बीत गया, लेकिन दीपावली और छठ सर पर सवार है. इसको देख कर होर्डिंग लगाने वाली एजेंसियां भी सक्रिय हैं. वह चाहती हैं कि अधिक से अधिक यूनीपोल और होर्डिंग्स लगाकर अपनी आय में इजाफा करें. शहर के बिग बाजार, बैंक मोड़ और धैया में सर्वाधिक यूनीपोल लगाए गए हैं. आगे और लगाने की अनुमति भी दी गई है. सड़क पर खड़े होकर जिधर भी देखिए, उधर ही यूनीपोल नजर आ रहे हैं.
शहर के विनाश से निगम का विकास कभी हो ही नहीं सकता
एक यूनीपोल दूसरे को ढक भी रहे हैं. इस वजह से विज्ञापन एजेन्सिया अभी से विरोध के मूड में हैं. हालांकि, निगम प्रबंधन का यह कहना है कि किसी को मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी. नियम को ताक पर रखकर यूनीपोल नहीं लगाने दिए जाएंगे. इधर, बैंक मोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव प्रमोद गोयल का कहना है कि नगर निगम अपने मूल काम से भटक गया है. शहर की स्वच्छता और विकास के पलट शहर को विनाश की ओर धकेल रहा है. उनका दावा है कि बैंक मोड़ चेंबर क्षेत्र के तमाम भवनों पर विज्ञापन बोर्ड टांग दिए जा रहे हैं. क्या निगम के पास कोई गाइडलाइन नहीं है. उनका यह भी कहना है कि शहर के विकास से ही निगम का विकास होगा. शहर के विनाश से निगम का विकास कभी हो ही नहीं सकता.
रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद
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