बन गई धनबाद  मेयर संजीव सिंह की "कैबिनेट" , जानिए कैसे की गई एक तीर से कई को "घायल" करने की कोशिश

    धनबाद के मेयर संजीव सिंह के "कैबिनेट" का गठन हो गया है.  "कैबिनेट" में एक तीर से कई निशाने साधे  गए है. दूसरे नेता  के पाले के पार्षदों को खींचने की भी कोशिश  की गई है.  लगातार तीन बार जीत कर आए पार्षदों को तरजीह  दी गई है, तो अल्पसंख्यक पार्षदों को भी जगह मिली है.  युवा चेहरा को भी शामिल किया गया है, तो गणेश चंद्र महतो भी जोनल कमेटी का  अध्यक्ष बनाया गया है.  

    बन गई धनबाद  मेयर संजीव सिंह की "कैबिनेट" , जानिए कैसे की गई  एक तीर से कई को "घायल" करने की कोशिश

    धनबाद(DHANBAD) धनबाद के मेयर संजीव सिंह के "कैबिनेट" का गठन हो गया है.  "कैबिनेट" में एक तीर से कई निशाने साधे  गए है. दूसरे नेता  के पाले के पार्षदों को खींचने की भी कोशिश  की गई है.  लगातार तीन बार जीत कर आए पार्षदों को तरजीह  दी गई है, तो अल्पसंख्यक पार्षदों को भी जगह मिली है.  युवा चेहरा को भी शामिल किया गया है, तो गणेश चंद्र महतो भी जोनल कमेटी का  अध्यक्ष बनाया गया है.  दरअसल, जोनल कमेटी यानी मेयर "कैबिनेट" निगम के कार्यों की रीढ़  होती है.  जानकारी के अनुसार अशोक कुमार गुप्ता ,प्रिय रंजन, मनोरंजन कुमार तीन बार से पार्षद चुनाव जीत रहे हैं.  यह  अलग बात है कि इनमें से पिछले बार मनोरंजन कुमार की पत्नी पार्षद थीं.  सोनाली कुमारी को युवा चेहरा के रूप में शामिल किया गया है तो सिजुआ  इलाके से राम मूर्ति सिंह को जोनल कमेटी में जगह मिली है. 

    शहर के साथ-साथ कतरास से सटे इलाके पर भी फोकस 

     एक तो राम मूर्ति सिंह कतरास से सटे इलाके के पार्षद हैं और विधायक मथुरा महतो के करीबी  बताए जाते हैं.  वासेपुर के निसार आलम भी तीसरी बार के पार्षद हैं, इसलिए उन्हें भी जगह मिली है.  मतलब जोनल कमेटी में धनबाद शहरी इलाके को फोकस बिंदु बनाया गया है.  साथ ही  साथ झरिया से लेकर सिंदरी और बाघमारा विधानसभा क्षेत्र को भी टारगेट में रखा गया है.  बता दें कि निगम चुनाव जीतने के बाद संजीव सिंह बहुत महीन राजनीति कर रहे है. इस वजह से कई नेताओं में बेचैनी भी है.  एक तो स्वभाव से वह मृदु भाषी हैं, ऐसी बात नहीं है कि मेयर बनने के बाद उनका स्वभाव बदला  है.  पहले से भी वह मृदु भाषी रहे हैं, लेकिन निगम चुनाव में जीत के बाद उनका स्वभाव और अधिक मधुर हो  गया है.  ऐसा उनके साथ रहने वाले लोग ही बताते है. 

    संजीव सिंह की जीत ने बदल दिया है राजनीति का रुख 
     
    दरअसल, संजीव सिंह मेयर का चुनाव जीत कर धनबाद की राजनीति को एक अलग मोड पर लाकर खड़ा कर दिया है.  डिप्टी मेयर के रूप में अरुण चौहान का चयन भी राजनीति का एक नया संकेत है.  अरुण चौहान के भाई झामुमो की  राजनीति करते हैं.  ऐसे में झामुमो  से संपर्क बढ़ाने के लिए भी इस कदम की गिनती की जा रही है.  अरुण चौहान 55 में से 50 मत लाकर डिप्टी मेयर बने हैं.  यह  कोई साधारण बात नहीं है.  वैसे जोनल कमेटी के चयन में भी कई समीकरण को एक साथ साध  लिया गया है.  यह अलग बात है कि संजीव सिंह से धनबाद के लोगों को काफी उम्मीद है.  ऐसे में संजीव सिंह के साथ उनके कैबिनेट पर भी बड़ी जिम्मेवारी है. 

    शनिवार को निगम की बैठक में क्या-क्या हुआ 

    उल्लेखनीय है कि  धनबाद के बाबूडीह  स्थित विवाह भवन में शनिवार को  धनबाद नगर निगम की  विस्तृत बैठक का आयोजन किया गया.  इस बैठक में मेयर संजीव सिंह, डिप्टी मेयर अरुण चौहान, नगर आयुक्त आशीष गंगवार तथा टुंडी विधायक सह झारखंड विधानसभा के सचेतक मथुरा प्रसाद महतो सहित नगर निगम के सभी 55 वार्डों के पार्षद एवं निगम के वरीय अधिकारी मौजूद रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर निगम के कार्यों को अधिक संगठित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेज़ करना था .  इस दौरान सर्वसम्मति से सभी 55 वार्डों के लिए कुल 11 जोनल कमिटियों का गठन किया गया.  प्रत्येक जोनल कमिटी में संबंधित वार्डों के पार्षदों को शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रवार समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिल सके.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

     


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