DHANBAD LOKSABHA: लाख टके का सवाल -विधायक राज सिन्हा इग्नोर हो रहे  या नाराज चल रहे?

    DHANBAD LOKSABHA: लाख टके का सवाल -विधायक राज सिन्हा इग्नोर हो रहे  या नाराज चल रहे?

    धनबाद(DHANBAD) : यह बात सच है कि धनबाद लोकसभा  सीट के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह अथवा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नहीं आए है. यह बात भी सच है कि धनबाद क्लस्टर की तीन लोक सभा में सभाएं हुई भी है. तो कांग्रेस की ओर से भी राहुल गांधी या प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार को अब तक नहीं पहुंची है.  झारखंड में स्टार प्रचारक बनी कल्पना सोरेन शनिवार को जरूर धनबाद लोकसभा में चुनाव प्रचार किया. बावजूद धनबाद अलग ढंग से चुनाव लड़ रहा है.  विधायक और विधायक पत्नी में तो सीधी टक्कर है लेकिन धनबाद झारखंड का एकमात्र लोकसभा सीट है, जहां पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर अपना भाग्य अजमा  रहे है. 25 मई  को धनबाद में वोटिंग होनी है. धनबाद सीट  की चर्चा इसलिए भी अधिक हो रही है कि तीन बार के सांसद रहे पशुपतिनाथ सिंह का टिकट काटकर बाघमारा के विधायक ढुल्लू  महतो को टिकट दिया गया है.

    पशुपतिनाथ सिंह के समर्थको की नाराजगी दिखती रही है 
     
    पशुपतिनाथ सिंह के समर्थक आज भी नाराज है. वहीं भाजपा के कई कद्दावर भी नाराज बताये जाते है.  उनको मनाने की हर कोशिश अभी तक सफल हुई नहीं दिखती है. इधर, कांग्रेस में एक ददई  दुबे को छोड़कर बाकी टिकट के दावेदार पार्टी के पक्ष में आ गए हैं और  चुनाव प्रचार में जुट गए है. धनबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने बाघमारा के विधायक को उम्मीदवार बनाया है. लोकसभा का चुनाव वह पहली बार लड़ रहे है. उनके सामने कांग्रेस पार्टी ने विधायक अनूप सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह को इंडिया ब्लॉक का संयुक्त प्रत्याशी बनाया है.  इसके अलावे भी चुनाव मैदान में प्रत्याशी है. लेकिन चुनाव प्रचार अब समाप्ति की ओर धीरे-धीरे बढ़  रहा है, लेकिन तल्खी  कम होती दिख नहीं  रही है. इसका उदाहरण रविवार को देखने को मिला. 
     
    धनबाद- बोकारो चित्रगुप्त महापरिवार  परिवार की बैठक में क्या बोले 

    धनबाद- बोकारो चित्रगुप्त महापरिवार परिवार की ओर से धनबाद में मतदाता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया था. इसमें बड़ी संख्या में  लोगों ने हिस्सा लिया. मुख्य अतिथि धनबाद के विधायक राज  सिन्हा  थे. उनकी जब बोलने की  बारी आई तो उन्होंने कहा कि हम सब भगवान चित्रगुप्त के वंशज है.  हमें बुद्धिजीवी समझा जाता है बावजूद हम लोग चुनाव को चुनौती की तरह नहीं लेते है. इसलिए इस बार प्राण ले कि  सपरिवार सबसे पहले अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. आगे उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी होने के नाते अपने बुद्धि- विवेक से स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी को ही वोट करेंगे.   चुनाव में खड़े प्रत्याशियों के गुण और दोषों  को कसौटी पर कसकर ही मत का प्रयोग करना चाहिए. सूत्रों के अनुसार धनबाद लोकसभा के चुनाव प्रचार में धनबाद विधानसभा क्षेत्र के  कार्यक्रम में विधायक की अनदेखी की जा रही है. यह  अलग बात है कि विधायक खुद के स्तर पर बूथ समितियों  की बैठक कर रहे है.  लोगों को भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं बावजूद कहीं ना कहीं तालमेल का अभाव साफ-साफ दिख रहा है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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