धनबाद लोकसभा: कीर्ति आजाद के आंकड़े को और क्यों नहीं बढ़ा सकी कांग्रेस, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    धनबाद लोकसभा: कीर्ति आजाद के आंकड़े को और क्यों नहीं बढ़ा सकी कांग्रेस, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD):  धनबाद से 3,31, 583 वोटो से जीतकर बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो  अब सांसद बन गए है.  यह उनकी बड़ी जीत कही जाएगी.  दूसरी और उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की अनुपम सिंह को 4,57, 589 वोट मिले है.  ढुल्लू महतो को 7 , 89 , 172 कुल वोट मिले है.  मतलब धनबाद जितना संवेदनशील सीट दिख रहा था, रिजल्ट में परिवर्तित नहीं हुआ.  जीत -हार की मार्जिन  अधिक रही.  2019 के चुनाव में कांग्रेस ने धनबाद से कीर्ति आजाद को चुनाव मैदान में उतारा था.  उनके सामने पशुपतिनाथ सिंह भाजपा की  टिकट पर थे.  पशुपतिनाथ सिंह 4,84,000 वोटो से जीत हासिल की थी, जबकि कीर्ति आजाद को 3 , 41,000 वोट आए थे.  कीर्ति आजाद के बारे में कहा जाता रहा है कि वह पैराशूट उम्मीदवार थे और धनबाद में नामांकन करने के बाद भी मन  से चुनाव नहीं लड़ा, फिर भी उन्हें 3,41,000 वोट प्राप्त हुए थे.  जबकि 2024 के चुनाव में कांग्रेस की  टिकट पर चुनाव लड़ी  अनुपमा सिंह को, जो वोट मिले हैं, वह 2019 में कीर्ति आजाद को मिले वोट से 1,16 000 से कुछ ही  अधिक है. 

    चुनाव परिणाम की समीक्षा होनी थी ,सो हो रही 
     
    ऐसे में इस  चुनाव परिणाम की भी समीक्षा होगी.  समीक्षक अपने-अपने ढंग से गुणा -भाग कर रहे होंगे, लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि क्या अनुपमा सिंह के चुनाव प्रबंधन में कहीं चूक  हुई है.  या उन्हें जो भरोसा दिया गया था, वह वोट के रूप में तब्दील नहीं हुए.  यह बात भी सच है कि चाहे कोई कुछ भी कह ले, लेकिन जात  की राजनीति चुनाव पर दिखती है.  तो क्या अनुपमा सिंह के जात वाले भी उन्हें वोट नहीं किया? यहां यह भी सवाल उठता है कि क्या स्वामी सहजानंद सरस्वती ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चौधरी का भाजपा के पक्ष में मतदान करने की सार्वजनिक घोषणा भी ढुल्लू महतो  के काम आई.  आखिर झरिया विधानसभा क्षेत्र में अनुपमा सिंह बढ़त क्यों नहीं बना पाई.  यह अलग बात है कि सभी विधान  सभा क्षेत्र में भाजपा को लीड मिली है.  लेकिन झरिया में तो कांग्रेस की विधायक है.  सिंह मेंशन की पकड़ है बावजूद झरिया में भी कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह लीड नहीं ले सकी.  मतलब साफ है कि बिरादरी भी कहीं ना कहीं उनका  साथ नहीं दिया.  यह बात अलग है कि चुनाव प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल खड़े किए जाते रहे है. कहा जा रहा था कि  हर जगह बेरमो वालो का कब्ज़ा था. यह भी एक बड़ा कारण माना  जा सकता है. 

    सभी विधानसभा में bjp को मिली लीड 

    धनबाद लोकसभा सीट टिकट बंटवारे के पहले भी चर्चा में थी.  टिकट बंटवारे के बाद भी चर्चा में रही और आगे चुनाव परिणाम आने के बाद भी चर्चा में रहेगी.  यह  अलग बात है कि भाजपा इस बात पर मंथन करेगी कि  जीत का अंतर और अधिक क्यों नहीं हुआ, तो कांग्रेस इस बात पर मंथन करेगी कि  कीर्ति आजाद से वोटो की संख्या और अधिक क्यों नहीं बढ़ी ,धनबाद लोकसभा क्षेत्र के 6 विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो बोकारो में ढुल्लू महतो को 1,67,044 वोट मिले, चंदन कियारी  में 1,00 ,  177 मत प्राप्त हुए.  सिंदरी में 1,28,476 वोट मिले.  निरसा  में 1,3 9, 321 मत प्राप्त हुए.  धनबाद विधानसभा में में ढुल्लू महतो को 1 , 51,379 वोट मिले जबकि झरिया में 96,028 वोट प्राप्त हुए. तो  कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह को बोकारो में 1 ,0  2,141, चंदनकियारी में 43,717, सिंदरी में 8 7,239, निरसा  में 70 ,979  धनबाद में 79412 और झरिया में 58,870 वोट प्राप्त हुए. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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