धनबाद लोकसभा : कांग्रेस हो या भाजपा स्टार प्रचारकों ने आखिर क्यों बनाई दूरी, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    धनबाद लोकसभा : कांग्रेस हो या भाजपा स्टार प्रचारकों ने आखिर क्यों बनाई दूरी, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद लोकसभा में आज शाम 5  बजे चुनाव प्रचार खत्म हो जाएगा.  25 मई  को वोटिंग होगी.  चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आज प्रत्याशी ताकत झोंकेंगे, लेकिन एक बात सच है कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों दलों के स्टार प्रचारकों ने  दूरी बनाकर रखी.  धनबाद लोकसभा में स्टार प्रचारकों  को का टोटा  रहा.  यह बात अलग है कि  भाजपा की ओर से राजनाथ सिंह बोकारो में  सभा की तो शिवराज सिंह चौहान भी झरिया का भ्रमण किया.  लेकिन चुनाव घोषणा के बाद न  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए, ना गृह मंत्री अमित शाह आए और नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धनबाद में सभा की.  कांग्रेस की बात की जाए तो यह पार्टी तो स्टार प्रचारकों के मामले में और भी फिसड्डी रही. कांग्रेस के   किसी भी स्टार प्रचारक ने  धनबाद में कोई सभा ,रोड शो नहीं किये.  यह  अलग बात है कि झारखंड स्तर  के नेता धनबाद जरूर आए, लेकिन ना प्रियंका गांधी की सभा हुई, ना राहुल गांधी की सभा हुई और न हीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका र्जुन खड़के  की सभा हुई. 

    सभी अपने -अपने ढंग से कर रहे व्याख्या
     
    आखिर ऐसा क्यों हुआ, इसको लेकर सभी अपने-अपने ढंग से व्याख्या कर रहे है.कोई कह रहा है कि दोनों दलों को हार का खतरा दिख रहा है ,तो कोई और कुछ कह रहा है. लोग यह भी कह रहे हैं कि धनबाद को लेकर ओवर कॉन्फिडेंस है अथवा धनबाद पर किसी का ध्यान नहीं है.बहरहाल ,  यह  बात  भी सच है कि धनबाद क्लस्टर  के लोकसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री तक सभा की.  धनबाद क्लस्टर  में धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा लोकसभा सीट आते है.  लेकिन विशेष कर धनबाद के लिए किसी भी दल ने बहुत अधिक फोकस  नहीं किया.    धनबाद सीट तो टिकट बटने  के पहले भी हॉट सीट थी और टिकट बट जाने  के बाद भी हॉट सीट ही बनी रही.  यह बात अलग है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेत्री कल्पना सोरेन धनबाद लोकसभा क्षेत्र में जरूर आई और इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की अपील की.  लेकिन कांग्रेस का कोई भी स्टार प्रचारक धनबाद नहीं आया.  चर्चा थी कि प्रियंका गांधी धनबाद में रोड शो करेंगी  लेकिन यह नहीं हुआ. चर्चा यह भी थी प्रचार के अंतिम दिन योगी आदित्य नाथ धनबाद आएंगे लेकिन नहीं आये.  मंगलवार को प्रियंका गांधी रांची और गोड्डा में थी.  अब आज तो चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है.  5 बजे के बाद चुनाव प्रचार होगा नहीं.  धनबाद, गिरिडीह, रांची और जमशेदपुर में गुरुवार की शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा. 

    25 मई  को डाले जाएंगे  वोट 
     
    इन चारों सीटों पर 25 मई  को वोट डाले जाएंगे.  गुरुवार की शाम से प्रत्याशियों को केवल डोर टू डोर जनसंपर्क करने की ही अनुमति रहेगी.  25 मई  को झारखंड के जिन  चार सीटों पर मतदान होगा, वह चारों सीटें  एनडीए के लिए भी महत्वपूर्ण है तो इंडिया ब्लॉक के लिए भी कम महत्वपूर्ण नहीं है.  रांची में भाजपा ने सिटींग  एमपी पर ही भरोसा जताया है.  जमशेदपुर में भाजपा ने सिटींग एमपी को उम्मीदवार बनाया है तो गिरिडीह से आजसू  के टिकट पर चंद्र प्रकाश चौधरी चुनाव लड़ रहे है.  धनबाद में भाजपा ने उम्मीदवार बदल दिया है और बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो उम्मीदवार बने है.  जबकि रांची में इंडिया ब्लॉक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत  सहाय की बेटी को उम्मीदवार बनाया है, तो जमशेदपुर सीट  झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते में जाने के बाद विधायक समीर  मोहंती  को वहां उम्मीदवार बनाया गया है.  जबकि गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने टुंडी के विधायक मथुरा प्रसाद महतो को उम्मीदवार बनाया है और धनबाद सीट पर विधायक अनूप सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह कांग्रेस की उम्मीदवार है. 

    चारों सीट  पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण है
     
    यह चारों सीट  पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.  रांची से संजय सेठ जोर लगाए हुए हैं तो पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत  सहाय की प्रतिष्ठा भी दांव  पर है.  क्योंकि अगर यह सीट  उनकी बेटी नहीं जीत पाती है तो परिस्थितिया  कुछ अलग हो सकती है.  इसी  तरह जमशेदपुर सीट भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है.   तो गिरिडीह से चंद्र प्रकाश चौधरी की प्रतिष्ठा के साथ-साथ सुदेश महतो की प्रतिष्ठा भी दांव  पर है.  धनबाद के भाजपा उम्मीदवार ढुल्लू महतो का गृह जिला बाघमारा विधानसभा गिरिडीह में ही आता है.  इसलिए गिरिडीह की प्रतिष्ठा भी धनबाद से जुड़ गई है.  धनबाद में तीन बार के सांसद रहे पशुपतिनाथ सिंह का टिकट काटकर बाघमारा विधायक ढुल्लू  महतो को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने बेरमो विधायक अनूप सिंह की पत्नी को उम्मीदवार बनाया है.  धनबाद की स्थिति यह है कि पक्ष और विपक्ष दोनों को भितरघात  का खतरा सता रहा है.  पशुपतिनाथ सिंह का टिकट कटने से कुछ लोग नाराज हैं तो कांग्रेस में भी अनुपमा सिंह को टिकट मिलने से सब कोई खुश नहीं है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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