नया बाजार फ्लाई ओवर की गोल्डन जुबली पर भी धनबाद खुश नहीं, जानिए क्यों 

    नया बाजार फ्लाई ओवर की गोल्डन जुबली पर भी धनबाद खुश नहीं, जानिए क्यों

    धनबाद (DHANBAD): धनबाद की 'लाइफ लाइन' नया बाजार फ्लाई ओवर ने शनिवार को अपना गोल्डन जुबली ईयर (50 साल) पूरा कर लिया.  इस पुल का उद्घाटन तत्कालीन बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नरसिंह बैठा ने 20 अगस्त 1972 को किया था.  बता दें कि आज से 5 दशक पहले जब इसका  का निर्माण हुआ था तब जिले की आबादी इतनी अधिक नहीं थी लेकिन आज आबादी 29 लाख के करीब पहुंच गई है.  उसी अनुपात में गाड़ियों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन जिले को एक छोर से दूसरे छोर तक जोड़ने के लिए किसी भी अन्य पुल का निर्माण नहीं हुआ है.

    तीन दिनों तक ट्रैफिक रुकी तो मच गया था कोहराम 
     
    इस पुल की महत्ता इससे भी आंकी जा सकती है कि पिछले साल जब ओडिशा की सुबुद्धि कंसल्टेंसी ने 3 दिनों तक ट्रैफिक रोक कर इसकी जांच की थी, तो शहर में ट्रैफिक को लेकर कोहराम मच गया था.  लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हुई, जानकार बताते हैं कि कई बार पुल को लेकर खतरे की बात सरकार तक पहुंचाने के बाद पिछले साल काफी जद्दोजहद के बाद इसकी लोड टेस्टिंग हुई. लोड टेस्टिंग हुए भी 8 से 10 महीने बीत गए हैं, लेकिन इसकी संचिका सरकारी फाइलों की मकड़जाल में उलझी हुई है.  पता नहीं कब इस फाइल पर जमी धूल हटेगी और ब्रिज की मरम्मत हो पाएगी. आपको बता दें कि ओडिशा की सुबुद्धि कंसलटेंसी की टीम ने इसकी टेस्टिंग की थी.  यह  टेस्टिंग 30 सितंबर की रात 12:00 बजे से 4 अक्टूबर की सुबह तक हुई थी.  

    25-25 टन  का वजन  रखकर हुई थी लोड टेस्टिंग 

    ओवर ब्रिज के बीचो बीच 25-25 टन  का वजन रखकर लोड टेस्टिंग की गई थी. लोड टेस्टिंग में पुल को खतरा बताया गया था और एक्सपर्ट की राय थी कि ओवर ब्रिज के सभी बेयरिंग और ज्वाइट  को  बदल दिए जाएं, इसके अलावा माइक्रो कंकरीट ग्राफ्टिंग हो जाए तो  इसका जीवन 25 साल तक बढ़ सकता है.  इसमें करीब एक करोड़  का खर्च बताया गया था, लेकिन इतने दिनों के बाद भी अभी तक सरकार की नींद नहीं टूटी है और नया बाजार फ्लाई ओवर पर खतरा बढ़ता जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार हो रहा है. कारोबारी लोकेश अग्रवाल ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि धनबाद का यह दुर्भाग्य है कि यहां के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनी है.  50 साल पहले बने ओवर ब्रिज को मरम्मत नहीं कराया गया है. लगता है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही कुछ होगा.  

    हम गोल्डन जुबली की भी नहीं मना सकते ख़ुशी 

    वही बैंक मोड चेंबर के महासचिव प्रमोद गोयल ने कहा कि पुल बनेगा भी, पुल की मरम्मत भी होगी लेकिन किसी बड़े हादसे के बाद. उन्होंने कहा कि गोल्डन जुबली मनाने पर जहां हमें खुशी होनी चाहिए, वही हमें दुख हो रहा है कि 50 साल के पुल का न तो हम रिप्लेसमेंट कर पाए और नहीं उसकी रिपेयरिंग हो पाया.  धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने कहा कि यह बात सच है कि पुल पर खतरा है.  उसकी जांच भी हुई थी. पल रिप्लेसमेंट मांग रहा है.  उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में उन्होंने वैकल्पिक पुल के लिए प्रयास शुरू किया था.  पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसकी घोषणा भी की थी लेकिन उसके बाद वर्तमान सरकार इस पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाई और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. 

    रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश 



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