DHANBAD: बिजली उपभोक्ताओं के पैसे से सट्टे का खेल, राशि भी हज़ार दो हज़ार नहीं तीस लाख

    DHANBAD: बिजली उपभोक्ताओं के पैसे से सट्टे का खेल, राशि भी हज़ार दो हज़ार नहीं तीस लाख

    धनबाद(DHANBAD) बिजली विभाग के ATP मशीन से एक ऐसे "खेल" का खुलासा हुआ है ,जिसके बाद विभाग सकते में पड़  गया है.  बिजली उपभोक्ताओं के पैसे से  ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले का साहस तो देखिए, उपभोक्ताओं के 30 लाख  रुपए से सट्टा खेला  और सारे पैसे उसके डूब गए.  अब आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है.  दरअसल, निरसा बिजली अनुमंडल क्षेत्र केम मुगमा  बिजली सब स्टेशन में आइडिया इंफिनिटी सॉल्यूशन कंपनी के एटीपी मशीन संचालक ने यह सब काम किया है.  वह मैथन का रहने वाला है और उसका नाम विशाल कुमार बताया गया है.  सूचना के मुताबिक यह  पैसा अप्रैल महीने में एटीपी मशीन में ग्राहकों ने जमा  करवाए थे.  

    हाथ -पावं फुल रहे अधिकारियो के 

    धनबाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने जांच के दौरान यह घोटाला पकड़ा है.  इसके बाद तो विभाग में हड़कंप मच गया है.  आनंद फानन  में बिजली विभाग के अधिकारी और कंपनी के कर्मियों ने विशाल कुमार को मैथन से पकड़ा और उसे सब स्टेशन में लाकर पूछताछ की.  फिर उसे निरसा पुलिस के हवाले कर दिया गया है.  उसके खिलाफ प्राथमिक भी दर्ज कराई जाने की सूचना है.  अधिकारियों का दल मुगमा के कंचनडीह  सब स्टेशन में जुलाई 2023 से मार्च 2024 तक के बिजली बिल के मद में  ग्राहकों के भुगतान की  जमा पंजी का मिलान कर रहा है.  मामला कुछ ऐसे पकड़ में आया कि   धनबाद बिजली विभाग के अधिकारी राजस्व वसूली के हिसाब का मिलान कर रहे थे.  

    कंचनडीह  सब स्टेशन  का मामला 

    कंचनडीह  सब स्टेशन में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा जमा कराई गई राशि तथा बिजली विभाग के राजस्व खाता में जमा हुई राशि का मिलान नहीं हो रहा था. जब कंचनडीह  सब स्टेशन में लगी एटीपी मशीन में जमा हुए बिल की जांच की गई तो सिर्फ अप्रैल महीने में ही 25 से 30 लाख का गवन पकड़ में आया.   सूत्रों के अनुसार विशाल ने बताया कि एटीपी मशीन में प्रतिदिन जमा होने वाली राशि से कुछ पैसा निकाल आईपीएल के ऑनलाइन सट्टे में लगाया.  जल्द अमीर होने के चक्कर में उसने यह जुआ खेला.  उसने पहले से यह योजना बना रही रखी थी कि मुनाफा अपने पास रख लेगा और बाकी पैसा बिजली विभाग को लौटा देगा.  लेकिन वह हारता  चला गया और लालच में पैसा भी लगाता रहा.   अभी तो सिर्फ एक महीने के फर्जीबाड़े  की राशि सामने आई है.  हो सकता है कि फर्जीवाड़ा इससे भी अधिक का किया गया हो.  जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी खुलासा होंगे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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