धनबाद नगर निगम : शहर की सफाई अब निजी एजेंसी के हवाले, जानिए किसके लिए कितनी फिक्स की गई है रकम 

    धनबाद नगर निगम : शहर की सफाई अब निजी एजेंसी के हवाले, जानिए किसके लिए कितनी फिक्स की गई है रकम

    धनबाद(DHANBAD) - धनबाद नगर निगम में यूजर चार्ज को लेकर घमासान मचा हुआ है. यूजर  चार्ज के लिए बेड वाले अस्पतालों को 20000 तक और शॉपिंग मॉल को 10000 तक शुल्क देने होंगे.  नगर निगम में ने कैटेगरी के अनुसार यूजर चार्ज  की राशि निर्धारित की है. आपको बता दें कि पिछले एक  सप्ताह से धनबाद स्टेशन रोड की सफाई नगर निगम नहीं कर रहा है, निगम का पक्ष है कि सफाई में जितनी राशि खर्च होती है, उतना यूजर चार्ज के रूप में मिलता नहीं है.  इधर ,दुकानदारों का कहना है कि वह लोग यूजर चार्ज देने को तैयार है.  कोई लेने ही नहीं आता है.  इन सबके बीच नगर निगम ने डोर टू डोर सफाई व्यवस्था के बदले यूजर चार्ज वसूली के लिए निजी कंपनी को ठेका दे दिया है.  यह कंपनी 2016 तक धनबाद नगर निगम में होल्डिंग टैक्स की वसूली की थी.  एजेंसी का नाम रितिका बताया गया है.  

    रांची की  तर्ज पर  धनबाद में भी  निर्णय

    अधिकारिक सूत्रों के अनुसार रांची की  तर्ज पर ही धनबाद में भी  निर्णय लिया गया है, केवल एग्रीमेंट होना बाकी है. एग्रीमेंट होते ही कंपनी अपना काम शुरू कर देगी.  वसूली कंपनी को निगम की ओर से कमीशन दिया जाएगा.  इधर निगम सूत्रों का कहना है कि सफाई मद  में हर माह 70 लाख  रुपय खर्च होते है.  नगर विकास विभाग ने इस खर्च की वसूली यूजर चार्ज से करने को कहा है.  अभी निगम खुद ही यूजर चार्ज वसूलता है. जिसकी  राशि बमुश्किल 10लाख  रुपए तक आती है.  अब देखना है कि प्राइवेट एजेंसी को काम देने के बाद निगम की आय कितनी बढ़ती है और सफाई की व्यवस्था कैसी रहती है.  आपको बता दें कि धनबाद में 2010 के पहले नगरपालिका थी.  2010 में निगम के हुए चुनाव में सिंह मैंशन  की इंदु देवी मेयर बनी थी  जबकि डिप्टी मेयर नीरज सिंह (अब स्वर्गीय) बने थे.  फिर 2015 में हुए चुनाव में निगम के मेयर शेखर अग्रवाल चुने गए जबकि डिप्टी मेयर नीरज सिंह के अनुज एकलव्य सिंह बने.  अभी निगम की व्यवस्था सरकारी हाथों में है क्योंकि समय पूरा होने के बाद धनबाद नगर निगम का चुनाव अभी तक नहीं हुआ है.  इस वजह से नगर आयुक्त ही निगम के कर्ताधर्ता है. 

    किस केटेगरी के लिए कितना निर्धारित किया गया है यूजर चार्ज 

    आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का आवास 20 रुपए, एलआईजी 40, एमआईजी 60, एचआईजी 80, होटल गेस्ट हाउस 1000 से 15000, ढाबा 350, धर्मशाला 800, रेस्टोरेंट 1500, बेकरी-फूड आउटलेट 1000, मिठाई दुकान 1000, फास्ट फूड दुकान 500, ठेला-खोमचा 200, पान-चाय दुकान 100, किरायेदार 60, शॉपिंग कॉम्पलेक्स 2000 से 10000, लॉज 5000, सिनेमाघर 5000, हॉलसेल दुकान 1500, मेन मार्केट दुकानदार 1000, स्ट्रीट शॉप 250, गोदाम 1500, सब्जी-फल दुकान 200, बिना बेड वाली डिस्पेंसरी 400, बेड वाला अस्पताल 5-20 हजार, स्कूल, कोचिंग और कॉलेज 200, गैर-सरकारी 1000 और मैरेज हॉल से 2500 से 5000 



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