धनबाद निगम चुनाव : आरक्षण रोस्टर ने बिगाड़ा दो दर्ज़न उम्मीदवारों का खेल ,जानिए क्या है पूरा मामला 

    धनबाद निगम चुनाव : आरक्षण रोस्टर ने बिगाड़ा दो दर्ज़न उम्मीदवारों का खेल ,जानिए क्या है पूरा मामला

    धनबाद(DHANBAD):  क्रिकेट ही नहीं राजनीति भी सम्भावनाओं का खेल है. कल तक जो धनबाद नगर निगम के मेयर के लिए चुनाव लड़ने के लिए सक्रिए थे, आज उनके मंसूबे पर दस  घड़ा पानी पड़ गया है. धनबाद का मेयर सीट महिला के लिए आरक्षित हो गया है. इसके साथ ही धनबाद के कम से कम 2 दर्जन उम्मीदवारों को जोर का झटका धीरे से लगा है. आरक्षण रोस्टर पूरे प्रदेश का गुरुवार को जारी कर दिया गया. इसके मुताबिक धनबाद  की सीट महिला को दी गई है.  2010 में भी धनबाद मेयर की सीट  महिला के लिए आरक्षित थी. पिछले कई महीनों से चुनाव लड़ने की उम्मीद पाले लोग सक्रिय थे. तरह -तरह से  प्रचार भी कर रहे थे. सोशल मीडिया पर  ताल भी ठोक रहे थे. अपने जीतने का गुणा -भाग  कर रहे थे.  

    रिजर्वेशन रोस्टर ने कइयों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

    लेकिन अचानक रिजर्वेशन रोस्टर ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. हर दलों में उम्मीदवारों की सूची लंबी थी. चुनाव निर्दल होना है और कल  तक यही संभावना थी कि चुनाव में आरक्षण की कोई बाध्यता नहीं रहेगी. लेकिन महिला सीट होने के कारण अब सिर्फ महिलाएं ही चुनाव लड़ सकती है. आज जारी आरक्षण रोस्टर के बाद यही कहा जा रहा है कि' खेला करे वाला खेला कर दिहलस'..अभी बुधवार को ही सिंह मेन्शन  के 2 लोग दावेदारी किए थे. एक थे सूर्यदेव सिंह के बेटे सिद्धार्थ गौतम तो दूसरी ओर से  रामधीर  सिंह की पतोहू आसनी  सिंह या फिर पत्नी इंदू देवी थी. आज के आरक्षण रोस्टर के बाद तो सिद्धार्थ गौतम का पत्ता खुद ब खुद कट गया.  इसके अलावा भाजपा के  कम से कम 10 उम्मीदवारों को भी गहरा धक्का लगा है. 

    भाजपा में अंदर खाने खूब राजनीति हो रही थी 

     मेयर पद को लेकर भाजपा में अंदर खाने खूब राजनीति चल रही थी.  खिचड़ी पक रही थी.  भाजपा के शेखर अग्रवाल इस पद के प्रबल दावेदार थे.  पिछली बार वह मेयर चुने गए थे  लेकिन आज  उनको भी गहरा धक्का लगा होगा.  वैसे 2006 में धनबाद नगर निगम का गठन हुआ था. 2010 में हुए पहले चुनाव में यह सीट महिला के लिए आरक्षित था और इंदु देवी धनबाद नगर निगम की पहली मेयर बनी थी. अगले चुनाव 2015 में ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया था. इस चुनाव में भाजपा से जुड़े शेखर अग्रवाल चुनाव जीते थे. बाघमारा विधायक की पत्नी भी चुनाव लड़ने की रेस में है. और मजबूत उम्मीदवार मानी जा रही है. ऐसे में कौन-कौन महिला उम्मीदवार धनबाद मेयर के लिए प्रत्याशी होती है,यह देखना  बड़ा ही दिलचस्प होगा.

    रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद 



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