धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन को आग से नहीं सुरक्षित और कीमती कोयले से है खतरा,जानिए किसने कही यह बात  

    धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन को आग से नहीं सुरक्षित और कीमती कोयले से है खतरा,जानिए किसने कही यह बात

    धनबाद(DHANBAD): खान सुरक्षा महानिदेशक(DGMS) ने कहा था कि धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन को  खतरा तो है और यह कभी भी बंद हो सकती है.  इस बयान पर धनबाद- चंद्रपुरा रेल लाइन को शुरू कराने के आंदोलन में शामिल पूर्व वियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा ने सोमवार को कतरास में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीसीसीएल और डीजीएमएस को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि डीजीएमएस का काम है संभावित  विपदा से लोगों को बचाना ,ना कि  आग का हवाला देकर जनता को डरना. रेल लाइनों को भूमिगत आग से कैसे सुरक्षित किया जाए और लोगों को लाभ दिया जाए, इसके लिए इस संस्था की स्थापना हुई थी.  

    धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन के खिलाफ रची जा रही साजिश 

    लेकिन धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन के खिलाफ, जो साजिश रची जा रही है ,उसमें केवल बीसीसीएल ही नहीं बल्कि डीजीएमएस भी शामिल है.  विजय झा ने कहा कि रेल लाइन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है और इसे चालू रखना ही एकमात्र किसी के लिए भी विकल्प होना चाहिए.  इस रेल लाइन पर सैकड़ों बरसों से सुरक्षित रेल परिचालन हो रहा है. डीजीएमएस को अगर कहीं सुरक्षा का खतरा  है तो उसे सुरक्षित करने का काम करना चाहिए.  विजय झा का दावा है कि यह आग  प्राकृतिक नहीं बल्कि कृत्रिम है.  

    बेवजह भूमिगत आग से खतरा बताया जा रहा 

    धनबाद -चंद्रपुरा  रेल लाइन के अगल-बगल कोयला निकालने के लिए बड़े -बड़ों की गिद्ध दृष्टि लगी हुई है. रेल लाइन को आग से नहीं बल्कि रेलवे लाइन के नीचे सुरक्षित और कीमती कोयले से खतरा है. इसीलिए सुरक्षा और भूमिगत आग का हवाला दिया जा रहा है. रेल लाइन को खतरा की आशंका से 15 जून 2017 को ट्रेनों का परिचालन बंद किया गया था, तो फिर जन आंदोलन के कारण 24 फरवरी 2019 को लाइन चालू क्यों की गई. विजय झा का आरोप है कि डीजीएमएस में इच्छाशक्ति की कमी है और किसी ना किसी दबाव में डीजीएमएस बयानबाजी कर रहा है.  प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम मंडल ,जागो संस्था के चुना यादव, आरटीआई एक्टिविस्ट छेदी शर्मा ,निमाई मुखर्जी,  शंकर चौहान, बंटी राय आदि मौजूद थे.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद 



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